चीन को घेरने की तैयारी: जापान-ऑस्ट्रेलिया ने बनाई नई ‘सप्लाई चेन’ रणनीति

Edited By Updated: 04 May, 2026 01:35 PM

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जापान और ऑस्ट्रेलिया ने चीन पर निर्भरता घटाने के लिए “रेजिलिएंट रिलेशनशिप चेन” बनाने का समझौता किया। इसमें ऊर्जा, भोजन और रेयर अर्थ सामग्री शामिल हैं। चीन के प्रभुत्व और मध्य पूर्व तनाव के बीच यह साझेदारी आतंकवाद रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।

International Desk: जापान और ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार को एक अहम समझौता किया है, जिसका मकसद वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाना और चीन पर निर्भरता कम करना है। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब दुनिया मिडिल ईस्ट के तनाव और संसाधनों की कमी से जूझ रही है।  जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने कैनबरा में मुलाकात कर इस साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने ऊर्जा, खाद्य और रेयर अर्थ मटेरियल के लिए “रेजिलिएंट सप्लाई चेन” बनाने का फैसला किया। रेयर अर्थ मटेरियल आज के समय में बेहद जरूरी हैं, क्योंकि इनका इस्तेमाल सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और कई आधुनिक तकनीकों में होता है। फिलहाल China दुनिया के लगभग 70% रेयर अर्थ का खनन करता है और करीब 90% प्रोसेसिंग उसी के पास है, जिससे कई देश उस पर निर्भर हैं।

 

जापान इस मामले में खास तौर पर चीन पर निर्भर है, जबकि ऑस्ट्रेलिया रेयर अर्थ का बड़ा उत्पादक है। ऐसे में दोनों देशों की यह साझेदारी एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है। ऊर्जा सुरक्षा भी इस समझौते का बड़ा हिस्सा है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण तेल सप्लाई प्रभावित हुई है और कीमतें बढ़ी हैं। जापान, जो पूरी तरह आयातित तेल पर निर्भर है, इसके कारण काफी प्रभावित हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया जापान को LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का प्रमुख सप्लायर है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया खुद भी एशियाई देशों से प्रोसेस किया गया तेल आयात करता है। इसलिए दोनों देशों को ऊर्जा के मामले में नई रणनीति की जरूरत महसूस हो रही है। इसके अलावा, दोनों देशों ने साइबर सिक्योरिटी और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।

 

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच पहले से लागू “रिसिप्रोकल एक्सेस एग्रीमेंट” के तहत अब सैनिकों की आवाजाही और संयुक्त सैन्य अभ्यास को और आसान बनाया जाएगा। साथ ही, जापान ऑस्ट्रेलिया को अपने आधुनिक “मोगामी क्लास” स्टेल्थ फ्रिगेट्स भी उपलब्ध कराएगा।यह दौरा Sanae Takaichi के लिए खास है, क्योंकि यह दोनों देशों के बीच दोस्ती के 50 साल पूरे होने के मौके पर हो रहा है।

   

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