Edited By Tanuja,Updated: 17 May, 2026 06:47 PM

नीदरलैंड दौरे के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर उठे सवालों का भारत ने कड़ा जवाब दिया। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत की विविधता, लोकतंत्र और धार्मिक सह-अस्तित्व को समझे बिना इस तरह के सवाल पूछे...
International Desk: नीदरलैंड दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और भारत में प्रेस की स्वतंत्रता तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर पूछे गए सवालों पर भारत ने बेहद सख्त और विस्तार से जवाब दिया। विदेश मंत्रालय में पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने डच पत्रकार के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के सवाल अक्सर भारत के इतिहास, सामाजिक संरचना और विविधता को ठीक से न समझ पाने की वजह से पूछे जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत 1.4 अरब लोगों का देश है और 5000 साल पुरानी सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है। यह दुनिया का सबसे विविध और लोकतांत्रिक देशों में से एक है। सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत दुनिया का ऐसा अनोखा देश है जहां हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्म जैसे चार बड़े धर्मों की उत्पत्ति हुई और आज भी ये सभी यहां फल-फूल रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यहूदियों को दुनिया के कई हिस्सों में उत्पीड़न झेलना पड़ा, लेकिन भारत उन गिने-चुने देशों में रहा जहां यहूदी समुदाय ने कभी उत्पीड़न का सामना नहीं किया। भारत में ईसाई और मुस्लिम समुदायों की ऐतिहासिक मौजूदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ईसाई धर्म भारत में यूरोप से भी पहले पहुंच गया था और आज भारत में करोड़ों ईसाई शांतिपूर्वक रह रहे हैं। वहीं इस्लाम भी पैगंबर मोहम्मद के समय में ही भारत पहुंच गया था और यहां लगातार विकसित हुआ। सिबी जॉर्ज ने कहा कि इतिहास में जब भी दुनिया के किसी हिस्से में धार्मिक उत्पीड़न हुआ, लोग भारत आए और यहां सुरक्षित तरीके से आगे बढ़े।
यही भारत की असली खूबसूरती है। लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जहां शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन होता है और सभी को अभिव्यक्ति तथा प्रेस की स्वतंत्रता प्राप्त है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र “बहुत शोर वाला लोकतंत्र” है और देश को इस पर गर्व है। उन्होंने हालिया विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि कई राज्यों में मतदान प्रतिशत 90 फीसदी तक पहुंचा, जो भारत की लोकतांत्रिक भागीदारी की ताकत को दिखाता है। अल्पसंख्यकों के सवाल पर उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत में अल्पसंख्यकों की आबादी लगभग 11 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।
उन्होंने सवाल किया कि दुनिया में कितने ऐसे देश हैं जहां अल्पसंख्यकों की आबादी लगातार बढ़ी हो। सिबी जॉर्ज ने भारत की भाषाई विविधता का भी उल्लेख किया और कहा कि देश में 22 आधिकारिक भाषाएं हैं, जो भारतीय मुद्रा पर भी लिखी होती हैं। उन्होंने डच पत्रकारों को भारत आकर खुद इसकी विविधता और लोकतंत्र को देखने का निमंत्रण दिया। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Rob Jetten के बीच रणनीतिक साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण वार्ता हुई है।