Edited By Tanuja,Updated: 19 May, 2026 03:08 PM

अमेरिकी अखबार The New York Times ने पेंटागन के खिलाफ पांच महीनों में दूसरी बार मुकदमा दायर किया है। अखबार का आरोप है कि पत्रकारों पर ‘एस्कॉर्ट नीति’ थोपकर प्रेस की स्वतंत्रता का उल्लंघन किया जा रहा है। मामला अमेरिकी मीडिया और ट्रंप प्रशासन के बढ़ते...
Washington: अमेरिका में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। देश के प्रमुख अखबार The New York Times ने अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon के खिलाफ पांच महीनों में दूसरी बार मुकदमा दायर किया है। अखबार का आरोप है कि पेंटागन की नई “एस्कॉर्ट नीति” अमेरिकी संविधान के ‘फर्स्ट अमेंडमेंट’ का उल्लंघन करती है। इस नीति के तहत पेंटागन परिसर में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के साथ हर समय सरकारी अधिकारियों की निगरानी या एस्कॉर्ट अनिवार्य कर दिया गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि यह स्वतंत्र पत्रकारिता को नियंत्रित करने और सैन्य मामलों पर खुली रिपोर्टिंग रोकने की कोशिश है। अखबार के प्रवक्ता चार्ली स्टैडलैंडर ने कहा कि अमेरिकी जनता को यह जानने का अधिकार है कि उनकी सरकार और सेना उनके टैक्स के पैसे का इस्तेमाल कैसे कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेंटागन पत्रकारों की स्वतंत्र पहुंच सीमित कर मीडिया पर दबाव बना रहा है। वहीं पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इस मुकदमे को “गोपनीय सूचनाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश” करार दिया। उनका कहना है कि रक्षा मंत्रालय की प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील जानकारियों की रक्षा करना है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब अमेरिकी रक्षा मंत्रीपीट हेगसेथ के कार्यकाल में मीडिया एक्सेस से जुड़े नए नियम लागू किए गए। दिसंबर 2025 में न्यूयॉर्क टाइम्स ने पहली बार इन प्रतिबंधों को चुनौती दी थी। मार्च 2026 में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज पॉल एल. फ्रीडमैन ने न्यूयॉर्क टाइम्स के पक्ष में फैसला देते हुए कहा था कि पत्रकारों की पहुंच सीमित करना उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
अदालत ने विशेष रूप से टाइम्स के संवाददाता जूलियन ई. बार्न्स के अधिकारों की रक्षा की बात कही थी। हालांकि, इसके तुरंत बाद पेंटागन ने एक नई अंतरिम नीति लागू कर दी, जिसके तहत पत्रकारों के लिए एस्कॉर्ट अनिवार्य बना दिया गया। अगले महीने जज फ्रीडमैन ने कहा कि यह नई नीति उनके पहले आदेश की भावना के खिलाफ है। लेकिन बाद में अपीलीय अदालत ने फैसले के एक हिस्से पर रोक लगा दी, जिससे यह नीति फिलहाल लागू बनी हुई है।विश्लेषकों के मुताबिक यह मामला सिर्फ मीडिया एक्सेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी मीडिया और डोनाल्ड ट्रंपप्रशासन के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है। हाल के वर्षों में कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने ट्रंप प्रशासन पर प्रेस स्वतंत्रता सीमित करने और आलोचनात्मक रिपोर्टिंग पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।