Edited By Rohini Oberoi,Updated: 17 Feb, 2026 02:30 PM

शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न्यायपालिका और समाज दोनों को हिला कर रख दिया है। न्यू जर्सी के वॉल टाउनशिप हाई स्कूल की एक पूर्व अंग्रेजी शिक्षिका जूली रिजिटेलो (37 वर्ष) को अपने ही दो नाबालिग छात्रों का यौन शोषण...
Teacher Student Abuse Case USA : शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न्यायपालिका और समाज दोनों को हिला कर रख दिया है। न्यू जर्सी के वॉल टाउनशिप हाई स्कूल की एक पूर्व अंग्रेजी शिक्षिका जूली रिजिटेलो (37 वर्ष) को अपने ही दो नाबालिग छात्रों का यौन शोषण करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के जुर्म में 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इस मामले को ग्रूमिंग और विश्वासघात का सबसे घृणित उदाहरण माना है।
9वीं क्लास से शुरू हुआ हैवानियत का जाल
मामले की जांच में खुलासा हुआ कि जूली ने साल 2017 में एक छात्र को उस समय निशाना बनाया जब वह महज 14-15 साल का था। जूली ने बड़ी चालाकी से पहले छात्र का विश्वास जीता। वह उसे पढ़ाई के बहाने अक्सर अपने घर बुलाती और घंटों बातें करती थी। साल 2018 में छात्र के जन्मदिन पर शिक्षिका ने उसे अपने जाल में फंसाकर शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर कर दिया।
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प्रेग्नेंसी का नाटक और भावनात्मक शोषण
जूली की क्रूरता यहीं नहीं रुकी। संबंध बनाने के कुछ समय बाद उसने छात्र को एक ऐसी बात कही जिसे सुनकर वह सुन्न रह गया। जूली ने दावा किया कि "मैं गर्भवती हूं और यह बच्चा मेरे पति का नहीं बल्कि तुम्हारा है।" उसने छात्र को विश्वास दिलाया कि वह अपने पति के साथ संबंध नहीं बना रही थी इसलिए गर्भ में पल रहा बच्चा उसी का है। कुछ समय बाद उसने छात्र को बताया कि उसने गर्भपात (Abortion) करा लिया है। इस झूठ ने किशोर छात्र को गहरे सदमे और अपराधबोध (Guilt) में डाल दिया। वह वर्षों तक इस मानसिक प्रताड़ना को झेलता रहा जिससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा।
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कोर्ट का फैसला: आजीवन रहेगी यौन अपराधियों की लिस्ट में
जब छात्र के परिवार को इस घिनौनी सच्चाई का पता चला तो उन्होंने मामला दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान जज ने जूली की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि एक शिक्षिका ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। जूली को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। जेल से छूटने के बाद भी वह पूरी जिंदगी पैरोल की निगरानी में रहेगी। उसका नाम हमेशा के लिए यौन अपराधियों की सूची (Sex Offender Registry) में दर्ज रहेगा।
पीड़ितों का दर्द
कोर्ट में पीड़ितों ने बताया कि कैसे इस घटना ने उनके आत्मविश्वास और रिश्तों को पूरी तरह तबाह कर दिया। यह मामला स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।