Edited By Rohini Oberoi,Updated: 28 May, 2026 10:10 AM

मिडिल ईस्ट (Middle East) में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। ईरान युद्ध के बीच हुए बेहद नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) के दौरान आज कुवैत पर अचानक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले के बाद से पूरे इलाके में एक बार फिर युद्ध...
इंटरनेशनल डेस्क। मिडिल ईस्ट (Middle East) में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। ईरान युद्ध के बीच हुए बेहद नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) के दौरान आज कुवैत पर अचानक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले के बाद से पूरे इलाके में एक बार फिर युद्ध भड़कने का खतरा मंडराने लगा है।
कुवैत की सेना ने आधिकारिक तौर पर इस हवाई हमले की घोषणा की है। हालांकि सेना ने सुरक्षा कारणों से अभी तक यह साफ नहीं किया है कि इस हमले में किस जगह या सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया था। फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी देश या संगठन ने नहीं ली है। गौरतलब है कि इस पूरे युद्ध के दौरान कुवैत को ईरान और इराक में सक्रिय ईरान समर्थित शिया लड़ाकों के हमलों का लगातार सामना करना पड़ा है।
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यह हमला ठीक उस समय हुआ है जब अमेरिकी सेना ने दावा किया था कि उसने युद्धविराम के नियमों का उल्लंघन होने पर ईरान के ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक उन्होंने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के पास खतरा पैदा कर रहे ईरान के चार सुसाइड ड्रोनों को मार गिराया और एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को भी नष्ट कर दिया। इसके तुरंत बाद कुवैत को निशाना बनाया गया जिससे शांति वार्ता खटाई में पड़ती दिख रही है।