Edited By Anu Malhotra,Updated: 29 Jul, 2026 08:16 AM

वॉशिंगटन: अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि मंगलवार को ईरान द्वारा मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, किसी भी मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया...
वॉशिंगटन: अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि मंगलवार को ईरान द्वारा मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, किसी भी मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया गया और अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क एवं तैयार है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई में विराम था। हालांकि, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। यह रणनीतिक समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल परिवहन का प्रमुख रास्ता है।
युद्ध के दौरान ईरान ने अपने तट के पास से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों और तेल टैंकरों पर हमले तथा धमकियों के जरिए इस जलमार्ग को प्रभावित किया था। जून में हुए अंतरिम युद्धविराम के बाद भी समुद्री नियंत्रण को लेकर विवाद जारी है। ईरान ने जहाजों से अपने तटीय मार्ग का उपयोग करने और इसके लिए शुल्क लेने की बात कही है। इसके जवाब में कई जहाज ओमान के तट के समीप दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे हैं, जहां अमेरिकी सेना निगरानी कर रही है।
सऊदी अरब ने ड्रोन हमले विफल किए
सऊदी अरब ने मंगलवार को बताया कि उसने लगातार दूसरे दिन देश के पूर्वी हिस्से में तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले कई ड्रोन मार गिराए। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये ड्रोन इराकी क्षेत्र से दागे गए थे और इनके पीछे ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों का हाथ है।
दूसरी ओर, इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। इराकी सेना ने कहा कि वह अपने क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश पर हमले के लिए नहीं होने देगी। हालांकि, ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों ने इन हमलों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। 'इस्लामिक रेजिस्टेंस' नामक संगठन ने सऊदी दावों को निराधार बताते हुए कहा कि सोमवार के हमलों के लिए यमन के हूथी विद्रोही जिम्मेदार थे।
हूतियों का सऊदी तेल टैंकर पर हमले का दावा
यमन के हूथी विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी तेल टैंकर 'एनसीसी गज़ल' पर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद जहाज को वापस लौटना पड़ा। पिछले सप्ताह हूतियों ने लाल सागर में सऊदी जहाजों की आवाजाही रोकने की घोषणा भी की थी, जिससे बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स सेंटर ने दक्षिणी लाल सागर में एक टैंकर के पास विस्फोटों की पुष्टि की है। हालांकि, उसने जहाज का नाम सार्वजनिक नहीं किया और बताया कि जहाज तथा चालक दल सुरक्षित हैं।
ईरान ने अमेरिकी हमलों से हुए नुकसान का किया दावा
ईरान ने कहा कि हालिया संघर्ष के दौरान अमेरिकी हमलों में एक हवाई अड्डा, एक समुद्री नियंत्रण टॉवर, 12 पुल और दो सुरंगें सहित कई महत्वपूर्ण ढांचे क्षतिग्रस्त हुए। इससे पहले अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए ईरानी हमलों के जवाब में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले अरब देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे।
ट्रंप और नेतन्याहू की अहम मुलाकात
ईरान के ताजा हमलों के बीच इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की बैठक थी। बैठक के बाद नेतन्याहू ने इसे "बेहतरीन" बताया, जबकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, करीब 90 मिनट तक चली यह बैठक "सकारात्मक और फलदायी" रही। हालांकि, बैठक के एजेंडे और बातचीत के अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए। दोनों नेताओं पर घरेलू स्तर पर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है। जहां नेतन्याहू आगामी चुनावों की तैयारी में जुटे हैं, वहीं ट्रंप पर लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और युद्ध के आर्थिक प्रभावों से निपटने का दबाव बढ़ रहा है।