Edited By Radhika,Updated: 23 Mar, 2026 06:10 PM

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान अब आमने-सामने हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां ईरान के साथ 'सकारात्मक बातचीत' होने का दावा करते हुए हमलों को 5 दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है, वहीं ईरान ने इन दावों को सिरे से...
इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान अब आमने-सामने हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां ईरान के साथ 'सकारात्मक बातचीत' होने का दावा करते हुए हमलों को 5 दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है, वहीं ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान का कहना है कि ट्रंप हार मान चुके हैं और यह सब केवल अपनी घबराहट छिपाने का एक तरीका है।
ट्रंप ने डर के मारे बदला रुख - IRGC
ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी मीडिया ने ट्रंप के दावों पर कड़ा प्रहार किया है। IRGC का कहना है कि ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई के खौफ से ट्रंप ने अपना 48 घंटे का अल्टीमेटम वापस ले लिया है। उनके मुताबिक बातचीत की खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं और अमेरिका केवल सुरक्षित रास्ता तलाश रहा है।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने बेहद तीखे शब्दों में कहा, "यह शैतान (ट्रंप) के लिए एक और बड़ी हार है। अमेरिका ने फिर से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं क्योंकि हमारा अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।"
ट्रंप का दावा- 5 दिनों के लिए टाले हमले
इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा था कि अगले पांच दिनों तक अमेरिका, ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर कोई सैन्य हमला नहीं करेगा। ट्रंप का दावा था कि ईरान के साथ पिछले दो दिनों में 'बेहद सकारात्मक और उत्पादक' चर्चा हुई है। इस बात का उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का स्थाई समाधान निकालना है। पेंटागन को निर्देश दिया गया है कि वे फिलहाल किसी भी बड़ी सैन्य कार्रवाई को रोक दें।
क्या यह कूटनीतिक दांव है या हकीकत?
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बयानों में जमीन-आसमान का अंतर है। जहां ट्रंप इसे एक सफल कूटनीति की तरह पेश कर रहे हैं, वहीं ईरान इसे अपनी सैन्य ताकत की जीत बता रहा है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इन 5 दिनों पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में तनाव कम होगा या यह किसी बड़े तूफान से पहले की शांति है।