Edited By Tanuja,Updated: 18 Mar, 2026 11:25 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान लगभग खत्म है। उन्होंने कहा कि ईरान का डिफेंस सिस्टम तबाह हो चुका है और परमाणु खतरा टल गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और स्थिति बेहद संवेदनशील...
Washington: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर बेहद बड़ा और विवादास्पद दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अब लगभग खत्म हो चुका है और अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमता को “पूरी तरह तबाह” कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी ऑपरेशनों ने ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उनका दावा है कि अब अमेरिकी सेना बिना किसी खतरे के ईरान के हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रही है। उन्होंने कहा- “अब उनके पास न रडार है, न एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम… कुछ भी नहीं बचा।” ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहे तो ईरान के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बिजली सिस्टम को एक घंटे में बंद कर सकता है। हालांकि, तेल और पाइपलाइन को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया, ताकि लंबे समय तक वैश्विक असर न पड़े।
“न्यूक्लियर खतरा टल गया”
ट्रंप ने दावा किया कि अगर ईरान को परमाणु हथियार मिलते, तो वह 24 घंटे के भीतर उनका इस्तेमाल कर सकता था। उन्होंने बताया कि B-2 Spirit बमवर्षकों से किए गए सटीक हमलों ने इस खतरे को खत्म कर दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी ट्रंप के बयान का समर्थन किया।उन्होंने कहा कि ईरान समर्थित मिलिशिया लगातार अमेरिकी ठिकानों और दूतावासों को निशाना बना रही थीं, इसलिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
5000 पाउंड के बम से हमला
अमेरिकी सेना की United States Central Command ने बताया कि Strait of Hormuz के पास ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के “डीप पेनिट्रेटर” बम गिराए गए। ये बम जमीन के अंदर बने मजबूत ठिकानों को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि, ट्रंप के दावों की अभी तक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म होना आसान नहीं। मिडिल ईस्ट में तनाव अभी भी चरम पर है और हालात किसी भी समय और भड़क सकते हैं