Edited By Tanuja,Updated: 27 Jul, 2026 11:11 AM

नेपाल के सुनसरी जिले में दो धार्मिक समुदायों के बीच लाउडस्पीकर और धार्मिक झंडों को लेकर विवाद हिंसा में बदल गया। पुलिस फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हुए। प्रशासन ने पांच बाजार क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन निषेधाज्ञा लागू कर...
International Desk: भारत से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद अधिकारियों ने सोमवार से इलाके के कुछ हिस्सों में अनिश्चितकालीन निषेधाज्ञा लागू की गई है। सुनसरी जिला प्रशासन कार्यालय के अनुसार कोशी प्रांत में स्थित जिले के पांच बाजार क्षेत्रों में सुबह सात बजे से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। ये पाबंदियां अगले आदेश तक लागू रहेंगी। निषेधाज्ञा के तहत, प्रभावित क्षेत्रों में चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने, प्रदर्शन करने, जनसभाएं करने और धरने पर बैठने पर रोक लगी रहेगी।
पुलिस ने बताया कि रविवार रात देवगंज ग्राम पंचायत के कप्तानगंज इलाके में हिंसा भड़क गई, जहां दो धार्मिक समुदायों के लोग अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल तथा धार्मिक झंडे लगाने को लेकर दोनों समुदायों के बीच विवाद हुआ था जिसके बाद यह झड़प हुई। उन्होंने बताया कि दोनों समूहों के बीच कहासुनी हिंसा में बदल गई जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने दखल दिया।
हालात को काबू में करने की कोशिश के दौरान सुरक्षा बलों ने गोली चलाई जिसमें 24 साल के ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि झड़प में सुरक्षाकर्मियों समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए। प्रशासन ने कहा कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों पर 500 नेपाली रुपये का जुर्माना, एक महीने तक की जेल या दोनों हो सकते हैं। दक्षिण-पूर्वी नेपाल में स्थित सुनसरी की सीमा भारत के बिहार राज्य से लगती है और यह दोनों देशों के बीच आवागमन तथा व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।