पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों के वास्ते सहायता को मंजूरी भारत को कोई संदेश देना नहीं है: अमेरिका

Edited By Updated: 23 Sep, 2022 03:42 PM

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वाशिंगटन, 23 सितंबर (भाषा) अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान के बेड़े के वास्ते 45 करोड़ डॉलर की मदद देने संबंधी उसका फैसला भारत को कोई संदेश देने के लिए नहीं है बल्कि यह इस्लामाबाद के साथ अमेरिका की रक्षा साझेदारी से...

वाशिंगटन, 23 सितंबर (भाषा) अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान के बेड़े के वास्ते 45 करोड़ डॉलर की मदद देने संबंधी उसका फैसला भारत को कोई संदेश देने के लिए नहीं है बल्कि यह इस्लामाबाद के साथ अमेरिका की रक्षा साझेदारी से जुड़ा है जो विशेष तौर पर आतंकवाद और परमाणु सुरक्षा पर केंद्रित है।

बाइडन प्रशासन ने ट्रंप प्रशासन के पाकिस्तान को सैन्य सहायता पर रोक लगाने संबंधी फैसले को बदलते हुए आठ सितंबर को पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमानों के वास्ते 45 करोड़ डॉलर की मदद देने की मंजूरी दी थी। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने आतंकवादी सगठनों अफगान तालिबान तथा हक्कानी नेटवर्क पर कार्रवाई करने में नाकाम रहने पर पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोक दी थी।

भारत ने अमेरिका को पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए एक सहायता पैकेज प्रदान करने के वाशिंगटन के फैसले पर अपनी चिंताओं से अवगत कराया है।

अमेरिकी संसद को दी एक अधिसूचना में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उसने पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमानों के रखरखाव के लिए संभावित विदेश सैन्य बिक्री (एफएमएस) को मंजूरी देने का निर्णय लिया है। मंत्रालय ने दलील दी थी कि इससे इस्लामाबाद को वर्तमान तथा भविष्य में आतंकवाद के खतरों से निपटने की क्षमता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

हिंद-प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक मंत्री डॉ. एले रैटनर ने एक सवाल के जवाब में बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों के वास्ते 45 करोड़ डॉलर की मदद देने संबंधी उसका फैसला भारत को कोई संदेश देने के लिए नहीं है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से बातचीत में पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान बेड़े के रख-रखाव के लिए पैकेज देने के अमेरिका के फैसले पर भारत की ओर से चिंता प्रकट की थी।

रैटनर ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘एफ-16 के वास्ते अमेरिकी सहायता पाकिस्तान के साथ अमेरिका की रक्षा साझेदारी से जुड़ा है जो विशेष तौर पर आतंकवाद और परमाणु सुरक्षा पर केंद्रित है, जैसा कि रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को स्पष्ट किया था।’’

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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