Edited By Tanuja,Updated: 05 Mar, 2026 11:44 AM

नेपाल में पिछले साल ‘जेन जेड’ युवाओं के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद पहली बार आम चुनाव हो रहे हैं। 1.89 करोड़ मतदाता 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए वोट डाल रहे हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है और देश में राजनीतिक बदलाव की उम्मीदें बढ़ गई...
Kathmandu: नेपाल में पिछले साल हुए ‘जेन जेड’ युवाओं के बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद गुरुवार को देश में पहले आम चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया। पूरे देश में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। नेपाल के निर्वाचन आयोग के अनुसार इस चुनाव में 1.89 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पात्र हैं। यह चुनाव 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के गठन के लिए हो रहा है।
- 165 सीटों के लिए प्रत्यक्ष मतदान हो रहा है
- 110 सीटों का फैसला अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से होगा
- प्रत्यक्ष चुनाव के लिए 3,406 उम्मीदवार मैदान में हैं
- जबकि अनुपातिक प्रणाली के तहत 3,135 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
- कुल मिलाकर 65 राजनीतिक दल इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं।
पूरे देश में शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुआ मतदान
निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने बताया कि दक्षिणी मैदानी क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों सहित सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि देशभर में मतदान शांतिपूर्ण माहौल में चल रहा है। चुनाव आयोग ने पूरे देश में 10,967 मतदान बूथ 23,112 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को एकत्र कर तुरंत मतगणना शुरू कर दी जाएगी।
चुनाव के लिए तीन दिन की छुट्टी
सरकार ने चुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए बुधवार से तीन दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित की है। बता दें कि नेपाल में पिछले साल 8 और 9 सितंबर को बड़ी संख्या में युवाओं ने भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और राजनीतिक सुधार की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इन प्रदर्शनों में मुख्य रूप से ‘जेन जेड’ पीढ़ी (1997-2012 के बीच जन्मे युवा) शामिल थे। इन विरोध प्रदर्शनों के कारण राजनीतिक संकट पैदा हो गया और तत्कालीन प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की सरकार गिर गई। इसके बाद नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 12 सितंबर को प्रतिनिधि सभा भंग कर दी और सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया।