Edited By Pardeep,Updated: 25 May, 2026 10:43 PM

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों, राजनयिक मिशनों के कर्मियों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को तुरंत शहर छोड़ने की सख्त चेतावनी जारी...
मॉस्को/कीव: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों, राजनयिक मिशनों के कर्मियों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को तुरंत शहर छोड़ने की सख्त चेतावनी जारी की है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कीव पर अब सुनियोजित और बड़े हमले (Systematic Strikes) शुरू करने जा रहा है।
छात्रों की मौत का बदला लेगा रूस?
रूस की यह आक्रामक घोषणा 22 मई की रात को स्टारोबेल्स्क (LPR) में लुगांस्क स्टेट पेडागोजिकल यूनिवर्सिटी पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद आई है। रूस का दावा है कि इन हमलों में दर्जन भर छात्रों की जान गई थी, जिसे लेकर रूसी खेमे में भारी नाराजगी है। मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन और उसके पश्चिमी प्रायोजकों की इन हरकतों ने उनके धैर्य की सीमा पार कर दी है।
निशाने पर मिलिट्री सेंटर और NATO विशेषज्ञ
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके सशस्त्र बल कीव में स्थित उन सैन्य-औद्योगिक उद्यमों को निशाना बना रहे हैं जहां यूएवी (ड्रोन) का डिजाइन, उत्पादन और प्रोग्रामिंग की जाती है। रूस ने आरोप लगाया है कि इन केंद्रों में नाटो (NATO) विशेषज्ञ सक्रिय रूप से सहायता कर रहे हैं, जो खुफिया जानकारी और लक्ष्य निर्धारण के लिए जिम्मेदार हैं। इसके अलावा, यूक्रेन के निर्णय लेने वाले केंद्रों (Decision-making centers) और कमान चौकियों पर भी मिसाइलें बरसने की पूरी संभावना है।
मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप
रूस ने जेलेंस्की सरकार और उनके पश्चिमी सहयोगियों पर अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून और 1949 के जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है। रूसी बयान में कहा गया है कि यूक्रेनी सेना नागरिकों और बच्चों के अधिकारों की अवहेलना कर रही है, जो पूरी दुनिया के सामने एक अपराध है。
निवासियों से अपील: सैन्य ठिकानों से रहें दूर
विदेशी नागरिकों को जल्द से जल्द शहर छोड़ने की सलाह देने के साथ-साथ, रूस ने कीव के स्थानीय निवासियों से भी अपील की है। रूस ने कहा है कि लोग जेलेंस्की शासन की सैन्य और प्रशासनिक बुनियादी ढांचा सुविधाओं से जितना संभव हो सके दूर रहें, क्योंकि कीव भर में फैली इन मिलिट्री फैसिलिटी को किसी भी समय ध्वस्त किया जा सकता है。