रूस के निशाने पर यूक्रेन की लाइफ-लाइन; 24 घंटों में रूसी हमलों से 27 लोगों की मौत, ट्रेन पर अटैक में गई 14 यात्रियों की जान (Video)

Edited By Updated: 31 Oct, 2026 11:50 AM

russian attacks across ukraine kill 27 injure 127 over past day as horrific at

यूक्रेन के निप्रो रेलवे स्टेशन पर रूसी ड्रोन हमले में 14 लोगों की मौत और 10 घायल हुए। हमले में जापोरिजिया जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया गया। यूक्रेन के अनुसार, 2026 के पहले आठ महीनों में रेलवे नेटवर्क पर 1,600 से ज्यादा हमले हुए हैं।...

Kyiv: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में अब रेलवे नेटवर्क भी बड़े हमलों का निशाना बन रहा है। पिछले 24 घंटों में पूरे यूक्रेन में हुए रूसी हमलों में 27 लोगों की मौत हो गई और 127 लोग घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इनमें से सबसे अधिक नुकसान निप्रो (Dnipro) रेलवे स्टेशन पर दिन के समय हुए ड्रोन हमले में हुआ। क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सांद्र हंझा ने बताया कि 29 अक्टूबर की सुबह निप्रो रेलवे स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म पर रूसी हमला हुआ, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 14 अन्य घायल हो गए। एक यात्री ट्रेन ज़ापोरिज़िया (Zaporizhzhia) के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही थी, तभी स्टेशन पर रूसी हमला हुआ। 

 

निप्रो के मेयर बोरिस फिलातोव ने बताया कि रूसी ड्रोन ने यात्रियों को ले जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को भयावह बताते हुए रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी के मुताबिक, ड्रोन ने उस प्लेटफॉर्म पर हमला किया, जहां निप्रो से जापोरिजिया जाने वाली ट्रेन संख्या 866 खड़ी थी। ट्रेन रवाना होने की तैयारी कर रही थी और प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। रेलवे कंपनी ने बताया कि हवाई हमले के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद स्टेशन पर लोग मौजूद थे। ड्रोन हमले के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और बचाव अभियान चलाया गया।

 

आठ महीने में रेलवे नेटवर्क पर 1600 से ज्यादा हमले
यूक्रेन के मुताबिक, रूस ने 2026 के पहले आठ महीनों में उसके रेलवे नेटवर्क पर 1,600 से ज्यादा हमले किए हैं। इन हमलों में ट्रेनों, रेल इंजनों और रेलवे से जुड़े दूसरे ठिकानों को निशाना बनाया गया। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के अनुसार, 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस 500 से ज्यादा रेल इंजनों को नुकसान पहुंचा चुका है या नष्ट कर चुका है। इनमें आधे से ज्यादा घटनाएं इसी साल हुई हैं। यूक्रेन के लिए रेलवे केवल यात्रियों के आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि अनाज, जरूरी सामान और राहत सामग्री पहुंचाने का भी प्रमुख माध्यम है। ऐसे में रेलवे नेटवर्क पर हमलों से देश की परिवहन व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं।
 

यूक्रेन के पूर्व उप परिवहन मंत्री वासिल शेवचेंको के मुताबिक, किसी रेल इंजन पर हमला होने से पूरे रेल मार्ग पर यातायात बाधित हो सकता है। डीजल इंजन में बड़ी मात्रा में ईंधन मौजूद होता है। ऐसे में विस्फोट होने पर भीषण आग लगने का खतरा रहता है। रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाने से रूस यूक्रेन की आपूर्ति व्यवस्था और परिवहन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। युद्ध प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका है। लगातार हो रहे ड्रोन हमलों को देखते हुए यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी ने ट्रेनों और ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी केंद्र बनाए हैं। खतरे का संकेत मिलने पर ट्रेनों को रोक दिया जाता है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जाती है। रेलवे कंपनी के मुताबिक, सितंबर में ड्रोन हमलों के खतरे के कारण 5,831 ट्रेनों से यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया। इसका मतलब है कि औसतन हर दिन करीब 205 ट्रेनों को रोकना पड़ा। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!