Edited By Tanuja,Updated: 14 May, 2026 02:34 PM

ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने दावा किया है कि UAE के फुजैरा तट के पास एक जहाज पर अनधिकृत लोगों ने कब्जा कर लिया और वह ईरानी जलक्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। घटना ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा...
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब समुद्र में भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ब्रिटेन की सेना ने दावा किया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पूर्वी तट के पास लंगर डाले एक जहाज पर “अनधिकृत लोगों” ने कब्जा कर लिया है और उसे ईरानी जलक्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा है। इस घटना ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स’ (UKMTO) ने बृहस्पतिवार को जारी अलर्ट में कहा कि उसे सूचना मिली है कि फुजैरा बंदरगाह के पास एक जहाज पर कुछ अज्ञात लोगों ने नियंत्रण कर लिया।
एजेंसी के मुताबिक यह जहाज यूएई के फुजैरा बंदरगाह से लगभग 38 नॉटिकल मील (करीब 70 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व दिशा में लंगर डाले हुए था। हालांकि, UKMTO ने जहाज का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। ब्रिटिश सेना ने दावा किया कि जहाज अब ईरानी जलक्षेत्र की दिशा में बढ़ रहा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज पर कब्जा करने वाले लोग कौन हैं और उनका उद्देश्य क्या है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच ऐसी घटनाएं वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
क्यों अहम है फुजैरा बंदरगाह?
फुजैरा बंदरगाह यूएई का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री केंद्र माना जाता है। यह फारस की खाड़ी के बाहर स्थित यूएई का प्रमुख बंदरगाह और बड़ा तेल निर्यात टर्मिनल है। रणनीतिक रूप से इसकी अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग का इस्तेमाल करता है। यदि इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है तो इसका सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर पड़ सकता है।
पहले भी हो चुके हमले
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने के दौरान फुजैरा क्षेत्र पहले भी कई हमलों और संदिग्ध घटनाओं का केंद्र रहा है। पिछले वर्षों में तेल टैंकरों पर हमले, ड्रोन गतिविधियां और समुद्री सुरक्षा से जुड़े कई मामलों ने इस क्षेत्र को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री इलाकों में शामिल कर दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर जहाज पर कब्जे की घटना की पुष्टि होती है, तो इससे अमेरिका, ब्रिटेन और खाड़ी देशों की सैन्य गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।