Edited By Tanuja,Updated: 15 Apr, 2026 02:56 PM

श्रीलंका के पास संकट में फंसे ईरानी नौसेना के जहाजों से 238 नाविकों को सुरक्षित स्वदेश भेजा गया। एक जहाज पर कथित अमेरिकी हमले में 84 लोगों की मौत हुई थी, जबकि दूसरे जहाज में तकनीकी खराबी आई थी। घटना से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
International Desk: श्रीलंका में अमेरिकी पनडुब्बी हमले और इंजन फेल होने की घटनाओं के बाद संकट में फंसे ईरानी नौसेना के दो जहाजों के 230 से अधिक नाविकों को स्वदेश भेज दिया गया है। रक्षा अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। कुल 238 नाविकों को मंगलवार देर रात तुर्किये की एक एयरलाइन के विमान से वापस भेजा गया। चार मार्च को ईरान का नौसैनिक जहाज 'आईरिस डेना' श्रीलंका के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र के बाहर अमेरिकी हमले का शिकार हुआ था, जिसमें 84 नाविकों की मौत हो गई थी।
इस घटना में 32 अन्य लोगों को श्रीलंका ने बचाया था। इसके तीन दिन बाद ईरान के दूसरे जहाज 'आईरिस बुशहर' को इंजन खराब होने की सूचना के बाद श्रीलंका के जल क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। इस जहाज पर सवार 200 से अधिक लोगों को कोलंबो के पास स्थित नौसेना के वेलिसारा केंद्र में ठहराया गया। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को वापस भेजे गए 238 नाविक दोनों जहाजों के थे। 'आईरिस डेना' के कुछ बचे हुए लोगों को गाले के पास स्थित श्रीलंकाई वायुसेना के कोग्गाला केंद्र में रखा गया था, जहां उनका एक राष्ट्रीय अस्पताल में इलाज चल रहा था। श्रीलंका स्थित ईरानी दूतावास ने 14 मार्च 'आईरिस डेना' पर अमेरिकी हमले में मारे गए 84 नाविकों के शवों को स्वदेश भेज दिया था।