Edited By Pardeep,Updated: 27 Apr, 2026 05:49 AM

जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइडो में सोमवार सुबह भूकंप का एक जोरदार झटका महसूस किया गया, जिससे लोग दहशत में आ गए। जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई है।
इंटरनेशनल डेस्कः जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइडो में सोमवार सुबह भूकंप का एक जोरदार झटका महसूस किया गया, जिससे लोग दहशत में आ गए। जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई है। यह भूकंप सुबह करीब 5:30 बजे आया और इसका केंद्र जमीन से 80 किलोमीटर की गहराई पर था।
सुनामी का खतरा नहीं, लेकिन भूस्खलन की चेतावनी
राहत की बात यह है कि प्रशासन द्वारा फिलहाल सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। USGS का अनुमान है कि यह क्षेत्र कम आबादी वाला होने के कारण जान-माल के नुकसान का खतरा न्यूनतम है। हालांकि, JMA के एक अधिकारी ने चेतावनी दी है कि जिन क्षेत्रों में तेज झटके महसूस किए गए हैं, वहां चट्टानें गिरने और भूस्खलन का जोखिम काफी बढ़ गया है।
महा-भूकंप (Megaquake) का बढ़ा खतरा
यह झटका ऐसे समय में आया है जब जापान पहले से ही 'मेगाक्वेक' के अलर्ट पर है। पिछले सोमवार को इवाते प्रान्त के पास आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद से मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में 8.0 या उससे अधिक तीव्रता का 'महा-भूकंप' आने की संभावना सामान्य से अधिक हो गई है। इवाते में आए उस भूकंप के कारण छह लोग घायल हुए थे और टोक्यो तक की बड़ी इमारतें हिल गई थीं।
भूकंपों के 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है जापान
जापान दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। यह प्रशांत 'रिंग ऑफ फायर' के किनारे चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर स्थित है। दुनिया भर में आने वाले कुल भूकंपों का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा अकेले जापान में दर्ज किया जाता है, जहां हर साल करीब 1,500 झटके महसूस किए जाते हैं।
जापान आज भी 2011 के उस विनाशकारी 9.0 तीव्रता के भूकंप
की यादों से डरा हुआ है, जिसने सुनामी के जरिए भारी तबाही मचाई थी। उस आपदा में लगभग 18,500 लोग मारे गए थे या लापता हो गए थे और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में रेडियोधर्मी रिसाव हुआ था।