Edited By Tanuja,Updated: 13 Apr, 2026 06:16 PM

Japan ने Strait of Hormuz में अपने सैनिक भेजने पर अभी फैसला नहीं लिया है। सरकार ने कहा कि पहले क्षेत्र में शांति और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित होना जरूरी है, क्योंकि जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर निर्भर है।
International Desk: जापान (Japan) ने Strait of Hormuz में अपने सेल्फ-डिफेंस फोर्स (SDF) भेजने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। यह जानकारी सरकार के मुख्य कैबिनेट सचिव Minoru Kihara ने दी। उन्होंने कहा कि फिलहास ऐसा कोई इरादा नहीं है और सबसे जरूरी बात यह है कि क्षेत्र में तनाव कम हो और समुद्री रास्तों पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो। जापान का मानना है कि पहले शांति और स्थिरता स्थापित होनी चाहिए, उसके बाद ही किसी सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
इससे पहले, जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi ने संकेत दिया था कि यदि युद्धविराम हो जाता है और समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगें जहाजों के लिए खतरा बनती हैं, तो जापान अपनी उन्नत minesweeping तकनीक के जरिए मदद कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसा कोई भी कदम तभी उठाया जाएगा जब सभी पक्षों के बीच सीजफायर हो और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कार्रवाई संभव हो। यह मुद्दा हाल ही में हुए जापान-अमेरिका शिखर सम्मेलन में भी उठा था, जहां Donald Trump ने जापान की संवैधानिक सीमाओं को समझने का संकेत दिया। जापान का संविधान उसकी सैन्य गतिविधियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाता है।
मौजूदा हालात में Iran, United States और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है। इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है।जापान के लिए यह स्थिति बेहद अहम है, क्योंकि वह अपनी 90% से ज्यादा तेल जरूरतें मध्य-पूर्व से पूरी करता है। ऐसे में होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा उसके लिए रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। जापान फिलहाल सावधानी से कदम उठा रहा है। वह सीधे सैन्य भूमिका में उतरने से पहले कूटनीतिक समाधान और शांति बहाली को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार सुरक्षित रह सके।