Edited By Tanuja,Updated: 14 Mar, 2026 02:43 PM

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने ड्रोन स्वॉर्म हमले का वीडियो जारी करते हुए दावा किया कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4” के तहत इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार हमले में ड्रोन और कई प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइलें...
International Desk: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उसने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार यह हमला “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4” के 48वें चरण के तहत किया गया। वीडियो में एक रेगिस्तानी एयरस्ट्रिप से कई डेल्टा-विंग ड्रोन को एक साथ लॉन्च होते हुए दिखाया गया है। जैसे ही लॉन्च सिस्टम सक्रिय होता है, ड्रोन तेज नारंगी लौ के साथ उड़ान भरते हैं और रनवे से धूल और रेत के बादल उठते दिखाई देते हैं। कुछ ही सेकंड में ये ड्रोन आसमान में ऊंचाई पकड़ते हुए सफेद धुएं की लंबी लकीर छोड़ते नजर आते हैं।
क्या है “ड्रोन स्वॉर्म” रणनीति ?
इसके बाद फुटेज में ड्रोन को एक साथ फॉर्मेशन में उड़ते हुए दिखाया गया है, जिसे ईरान ने “ड्रोन स्वॉर्म” रणनीति बताया है। इस तरह की रणनीति में बड़ी संख्या में ड्रोन एक साथ अलग-अलग लक्ष्यों की ओर भेजे जाते हैं। IRGC के अनुसार इस चरण में उत्तरी इजरायल के कई इलाकों को निशाना बनाया गया। इनमें गलील, गोलान और हैफा शहर के आसपास के क्षेत्र शामिल बताए गए हैं। ईरानी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के दौरान क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में विभिन्न प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें खेइबर शिकन (Kheibar Shekan) मिसाइल, क़द्र (Qadr) बैलिस्टिक मिसाइल और हमलावर ड्रोन शामिल हैं।
इससे पहले भी किए हमले
IRGC ने बताया कि इससे पहले शुक्रवार को अभियान के 47वें चरण में इजरायल के नेगेव क्षेत्र और वहां स्थित नेवातिम एयरबेस को निशाना बनाया गया था। इसके अलावा बीर शेवा और लोद शहर पर भी हमले का दावा किया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार कतर में स्थित अल-उदीद एयर बेस, जिसे पश्चिम एशिया में अमेरिका का प्रमुख सैन्य अड्डा माना जाता है, उसे भी इस अभियान के दौरान निशाना बनाया गया।
मनोवैज्ञानिक दबाव भी बढ़ाया
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक सैकड़ों बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। IRGC ने यह भी कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई दुश्मन ड्रोन और विमानों को मार गिराया है।ईरानी रिपोर्टों के मुताबिक इस सैन्य अभियान के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक दबाव भी बढ़ाया जा रहा है। बताया गया कि इजरायल के क्षेत्रों में लोगों को चेतावनी संदेश भी भेजे गए हैं। इन संदेशों में कहा गया है कि आने वाले दिनों में हालात और कठिन हो सकते हैं।