Edited By Tanuja,Updated: 08 Feb, 2026 04:07 PM

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका के साथ वार्ताओं के बाद कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पर कायम रहेगा और शक्तिशाली देशों के दबाव में नहीं झुकेगा। उन्होंने ‘न’ कहने की क्षमता को ईरान की असली ताकत बताया, जबकि अमेरिका ने क्षेत्र में सैन्य...
International Desk: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ हुईं वार्ताओं के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए रविवार को कहा कि ताकतवर देशों के आगे नहीं झुकने से ईरान को ताकत मिलती है। तेहरान में एक सम्मेलन में राजनयिकों से बातचीत के बाद अरागची ने संकेत दिए कि ईरान यूरेनियम संवर्धन करने पर कायम रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान का यूरेनियम संवर्धन विवाद की जड़ है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शुक्रवार को ओमान में अमेरिकी अधिकारियों से हुई बातचीत की एक ओर तो सराहना की, दूसरी ओर अरागची के बयान से लगता है इन वार्ताओं में चुनौतियां बाकी हैं।
ईरान पर समझौता करने के लिए दबाव बनाने के मकसद से अमेरिका पहले ही विमानवाहक यूएसएस अब्राहम लिंकन, जहाजों और लड़ाकू विमानों को पश्चिम एशिया भेज चुका है। अरागची ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि ईरान की ताकत का राज दूसरों की ओर से परेशान किए जाने, प्रभुत्व कायम करने और दबाव बनाने के खिलाफ खड़े होने की इसकी क्षमता में छिपा है। उन्हें डर है कि हमारे पास परमाणु बम है जबकि हम परमाणु बम नहीं बना रहे। ताकतवर देशों को 'न' कहने की हमारी शक्ति ही हमारे लिए परमाणु बम है।"