'डिएगो गार्सिया को किसी को न दें!', ट्रंप ने ब्रिटिश PM स्टार्मर को दी सख्त चेतावनी

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 01:51 AM

trump gave a stern warning to british pm starmer

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन की उस योजना की आलोचना की है, जिसके तहत चागोस द्वीपसमूह को मॉरीशस को सौंपा जाना है।

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन की उस योजना की आलोचना की है, जिसके तहत चागोस द्वीपसमूह को मॉरीशस को सौंपा जाना है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा – “डिएगो गार्सिया को मत सौंपिए।” उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “यह जमीन यूनाइटेड किंगडम से नहीं ली जानी चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो यह हमारे महान सहयोगी के लिए एक धब्बा होगा।” यह बयान ऐसे समय आया है जब मंगलवार को अमेरिका ने आधिकारिक रूप से लंदन की उस योजना का समर्थन किया था, जिसमें ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने की बात कही गई है।

डिएगो गार्सिया क्यों है महत्वपूर्ण?

Diego Garcia चागोस द्वीपसमूह का सबसे बड़ा द्वीप है और यहां ब्रिटेन व अमेरिका की संयुक्त सैन्य सेनाएं तैनात हैं। यह द्वीप हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्थान पर स्थित है। योजना के मुताबिक, ब्रिटेन मॉरीशस को संप्रभुता सौंपने के बाद डिएगो गार्सिया को 99 साल की लीज पर वापस लेगा, ताकि सैन्य अड्डा चालू रह सके।


“लीज देशों के लिए अच्छी नहीं”

बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने लिखा कि वे प्रधानमंत्री Keir Starmer से कह रहे हैं कि “देशों के मामले में लीज अच्छा विकल्प नहीं होता” और 100 साल की लीज में जाना एक बड़ी गलती है। उन्होंने कहा कि डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में “रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण” है। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि स्टार्मर “पहले कभी न सुनी गई संस्थाओं के दावों” के कारण इस महत्वपूर्ण द्वीप पर नियंत्रण खो रहे हैं।

ईरान का भी जिक्र

ट्रंप ने अपने बयान में Iran का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं करता, तो अमेरिका को संभावित हमले को रोकने के लिए डिएगो गार्सिया का उपयोग करना पड़ सकता है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों को संदेह है कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में बढ़ रहा है। हालांकि, ईरान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है। ट्रंप पहले भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने ईरान पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दमन और परमाणु गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

अमेरिका-मॉरीशस वार्ता की तैयारी

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अगले हफ्ते अमेरिका और मॉरीशस के बीच इस मुद्दे पर बातचीत प्रस्तावित है। हालांकि वाशिंगटन ने आधिकारिक रूप से ब्रिटेन की योजना का समर्थन किया है, लेकिन ट्रंप के ताजा बयान ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने अंत में कहा कि अमेरिका हमेशा ब्रिटेन के साथ खड़ा रहेगा, लेकिन उसे “वोकिज्म” और अन्य चुनौतियों के सामने मजबूत रहना होगा।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!