Edited By Tanuja,Updated: 04 Feb, 2026 03:21 PM

अमेरिका ने नाइजीरिया में ISIS और बोको हरम के बढ़ते खतरे के बीच सीमित संख्या में स्पेशल ट्रूप्स भेजे हैं। AFRICOM प्रमुख ने इसकी पुष्टि की। यह टीम खुफिया और रणनीतिक समर्थन दे रही है। यह कदम क्रिसमस के दिन एयरस्ट्राइक के बाद पहली बार अमेरिकी सैनिकों...
Washington: अमेरिका ने आतंकवाद के बढ़ते खतरे के बीच नाइजीरिया में सीमित संख्या में सैनिक तैनात किए हैं। अमेरिकी अफ्रीका कमांड (AFRICOM) के प्रमुख जनरल डैगविन आर.एम. एंडरसन ने मंगलवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। यह कदम दोनों देशों के बढ़ते सैन्य सहयोग का हिस्सा है, जिसमें अमेरिकी टीम खुफिया और रणनीतिक समर्थन में जुटी है। पश्चिम अफ्रीका में इस्लामिक स्टेट (ISIS) और बोको हरम के बढ़ते हमलों को देखते हुए अमेरिका ने नाइजीरिया में अपने सैनिकों की टीम भेजी है। यह पहली बार है जब वाशिंगटन ने नाइजीरियाई जमीन पर अपने सैनिकों की मौजूदगी स्वीकार की है, खासकर क्रिसमस के दिन हुए अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिसंबर में ISIS ठिकानों पर एयरस्ट्राइक का आदेश दिया था। इसके बाद उन्होंने और सैन्य कार्रवाई के संकेत भी दिए थे। AFRICOM प्रमुख ने बताया कि दोनों देशों ने आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिकी टीम को विशेष क्षमताओं के साथ भेजा गया है, लेकिन टीम के आकार और मिशन के दायरे पर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। नाइजीरिया के रक्षा मंत्री क्रिस्टोफर मूसा ने भी अमेरिकी टीम की मौजूदगी की पुष्टि की, लेकिन विवरण साझा नहीं किए। एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, यह टीम मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने और नाइजीरियाई सुरक्षा बलों को आतंकवादी समूहों पर कार्रवाई में मदद करने में लगी है।
बोको हरम और ISWAP (Islamic State West Africa Province) के हमलों में हाल के महीनों में तेजी आई है। उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया लंबे समय से इस्लामी उग्रवाद का केंद्र बना हुआ है। अमेरिका ने हाल ही में सोकोतो राज्य में नाइजीरियाई अधिकारियों के साथ समन्वय में हवाई हमला कर कई ISIS आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है। अमेरिका ने नाइजीरिया पर ईसाई समुदाय की सुरक्षा को लेकर दबाव भी बढ़ाया है। नाइजीरियाई सरकार ने धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों का खंडन किया है।अमेरिका ने नाइजीरिया में ISIS और बोको हरम के बढ़ते खतरे के बीच सीमित संख्या में स्पेशल ट्रूप्स भेजे हैं। AFRICOM प्रमुख ने इसकी पुष्टि की। यह टीम खुफिया और रणनीतिक समर्थन दे रही है। यह कदम क्रिसमस के दिन एयरस्ट्राइक के बाद पहली बार अमेरिकी सैनिकों की नाइजीरियाई जमीन पर मौजूदगी को मान्यता देता है।