Edited By Tanuja,Updated: 15 Apr, 2026 04:02 PM

IAEA ने चेतावनी दी है कि North Korea तेजी से अपनी परमाणु हथियार क्षमता बढ़ा रहा है। योंगब्योन में नई यूरेनियम संवर्धन सुविधा के संकेत मिले हैं, जिससे एशिया और दुनिया में परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई है।
International Desk: संयुक्त राष्ट्र की निगरानी एजेंसी IAEA की दुनिया के लिए चिंता बढ़ाने वाली एक नई रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर कोरिया (North Korea) अपनी परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की निगरानी एजेंसी IAEA के प्रमुख Rafael Grossi ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने इस दिशा में “बहुत गंभीर प्रगति” की है। उन्होंने सियोल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि उत्तर कोरिया के प्रमुख परमाणु केंद्र योंगब्योन परमाणु परिसर (Yongbyon Nuclear Complex) में गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। यहां पांच मेगावाट का रिएक्टर, रीप्रोसेसिंग यूनिट और लाइट वॉटर रिएक्टर सक्रिय हैं। इसके अलावा एक नई इमारत भी देखी गई है, जो यूरेनियम संवर्धन (enrichment) संयंत्र जैसी लगती है।
इस रिपोर्ट को और मजबूती उस समय मिली जब रणनीतिक और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन केंद्र (Center for Strategic and International Studies) ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर बताया कि एक नई संभावित यूरेनियम संवर्धन सुविधा लगभग पूरी हो चुकी है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम का विस्तार कर रहा है। IAEA प्रमुख ने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया के पास पहले से ही “कुछ दर्जन” परमाणु हथियार होने का अनुमान है। अब नई गतिविधियों के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरेनियम संवर्धन परमाणु हथियार बनाने का एक अहम तरीका है। इससे हथियार-ग्रेड सामग्री तैयार की जा सकती है, जो प्लूटोनियम के विकल्प के रूप में भी इस्तेमाल होती है। इसका मतलब है कि उत्तर कोरिया अब परमाणु हथियार बनाने के लिए एक से अधिक रास्तों पर काम कर रहा है। उन्होंने रूस के साथ उत्तर कोरिया के सहयोग पर भी बात की और कहा कि अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि रूस की तकनीक सीधे तौर पर उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम में इस्तेमाल हो रही है। हालांकि इस मुद्दे पर नजर रखी जा रही है।
इस बीच IAEA ने उत्तर कोरिया की परमाणु-संचालित पनडुब्बी बनाने की योजना पर भी चिंता जताई है। एजेंसी का कहना है कि इस तरह की परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाले परमाणु ईंधन की निगरानी करना मुश्किल होता है, इसलिए इससे हथियारों के प्रसार का खतरा बढ़ सकता है। IAEA ने दक्षिण कोरिया से इस मामले में सहयोग करने और पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया की यह बढ़ती परमाणु गतिविधि एशिया में तनाव को और बढ़ा सकती है। इससे न केवल अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र में हथियारों की होड़ भी तेज हो सकती है।