धमकी के बाद हरकत में आया अमेरिका, UK के RAF फेयरफोर्ड बेस से सभी बॉम्बर लड़ाकू विमानों को हटाया

Edited By Updated: 05 Oct, 2026 08:31 AM

us pulls all air force bombers from uk raf fairford base after new threat

UK के एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश की जांच के बीच एक अज्ञात नई धमकी मिलने पर अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड में तैनात अपने सभी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका स्थित उनके होम बेस पर बुला लिया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने...

लंदन (UK) : UK के एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश की जांच के बीच एक अज्ञात नई धमकी मिलने पर अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड में तैनात अपने सभी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका स्थित उनके होम बेस पर बुला लिया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने CNN को यह जानकारी दी। अमेरिकी अधिकारी ने CNN को बताया, 'हम अब पुष्टि कर सकते हैं कि RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमानों को अमेरिका में उनके होम बेस पर वापस बुला लिया गया है।' 

अधिकारी ने धमकी की प्रकृति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और न ही यह बताया कि विमानों को क्यों हटाया गया। CNN ने सूत्र के हवाले से कहा कि इस नई धमकी को "वास्तविक घटना" (real world incident) बताया। सूत्र ने CNN को यह भी बताया कि अमेरिकी सेना का बॉम्बर विमानों को क्षेत्र के किसी अन्य बेस पर तैनात करने के बजाय सीधे होम बेस पर वापस बुलाना असामान्य बात है। 

RAF फेयरफोर्ड का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों की तैनाती के लिए किया जाता रहा है और यह अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के लिए एक ऑपरेशनल लोकेशन के तौर पर काम करता है, जो लंबी दूरी के हमलों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है। यह कदम उन घटनाओं के कुछ दिनों बाद उठाया गया है जब ब्रिटिश अधिकारियों ने उस एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश के सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था, जहां अमेरिकी विमान तैनात थे। ब्रिटिश पुलिस ने 27 सितंबर को RAF फेयरफोर्ड के पास आतंकवाद और विस्फोटक से जुड़े अपराधों के संदेह में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। लंदन के रहने वाले 23 से 25 साल की उम्र के इन ब्रिटिश नागरिकों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।

पुलिस ने पुष्टि की कि घटनास्थल पर मौजूद तीन वैन में कोई विस्फोटक नहीं मिला। उनकी रिहाई की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचना करते हुए कहा था, 'मैं ऐसा नहीं करता।' कथित साजिश के सिलसिले में गुरुवार को एक 25 वर्षीय ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया। ईरान ने इस घटना में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है और आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आरोपों के बाद तेहरान ने वहां मौजूद ब्रिटिश राजदूत को भी तलब किया। 

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