Edited By Mansa Devi,Updated: 02 Mar, 2026 11:36 AM

ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए लगातार हमलों के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और नेताओं के मारे जाने की खबर है। इस घटनाक्रम के बाद दुनिया के...
इंटरनेशनल डेस्क: ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए लगातार हमलों के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और नेताओं के मारे जाने की खबर है। इस घटनाक्रम के बाद दुनिया के अलग-अलग देशों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ देशों ने अमेरिका का समर्थन किया है, जबकि कई जगहों पर हमलों के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस पाकिस्तान से भी बड़ी घटनाएं सामने आई हैं जहां पर अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग घायल हैं। ये घटनाएं कराची और Pok के हिस्से गिलगित-बाल्टिस्तान से सामने आई है।
पाकिस्तान में भड़की हिंसा
ईरान के समर्थन में पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति कराची और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के क्षेत्र गिलगित-बाल्टिस्तान में देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, कराची में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। हालात उस समय और बिगड़ गए जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने शहर में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ने की कोशिश की।
सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की, जिसके बाद हिंसा फैल गई। कराची में कम से कम 10 लोगों की मौत और करीब 50 लोगों के घायल होने की खबर है। गिलगित-बाल्टिस्तान में भी प्रदर्शन हिंसक हो गए। यहां 12 लोगों की जान गई और लगभग 80 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर संयुक्त राष्ट्र के दफ्तरों और सरकारी इमारतों को भी निशाना बनाया गया।
अमेरिकी दूतावास की प्रतिक्रिया
अमेरिकी दूतावास, इस्लामाबाद ने बयान जारी कर कहा है कि वह कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर हो रहे प्रदर्शनों पर नजर रखे हुए है। साथ ही इस्लामाबाद और पेशावर में भी संभावित प्रदर्शनों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। दूतावास ने पाकिस्तान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्थानीय समाचारों पर नजर रखें, भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। नागरिकों से अपने सुरक्षा पंजीकरण (STEP) को अपडेट रखने की भी अपील की गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा तनाव
ईरान पर हमलों और उसके बाद की घटनाओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। पश्चिम एशिया की स्थिति पहले से ही संवेदनशील थी, और अब हालात और अधिक जटिल हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति में तेज गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।