Edited By Tanuja,Updated: 01 Mar, 2026 07:44 PM

तेहरान पर संयुक्त अमेरिका-इजराइल हमलों में Ali Khamenei की मौत की घोषणा के बाद इजराइल ने ईरानी जनता से सड़कों पर उतरने की अपील की। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने “अत्याचार की बेड़ियां तोड़ने” का संदेश दिया, जबकि ईरान ने इसे मुसलमानों के खिलाफ...
International Desk: इज़राइल रक्षा बल (IDF) ने तेहरान में हवाई हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ( Ali Khamenei)के मारे जाने की औपचारिक घोषणा की। यह हमला अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान के कुछ घंटों बाद हुआ। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फारसी भाषा में जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने ईरान की जनता से एक भावुक संदेश में कहा “यह पीढ़ियों में एक बार आने वाला ऐतिहासिक अवसर है। निष्क्रिय मत बैठो, उठो..अत्याचार की बेड़ियों' से खुद को मुक्त करो !”
در روزهای آینده ما به هزاران هدف رژیم تروریستی ضربه خواهیم زد.
ما شرایطو برای مردم شجاع ایران فراهم خواهیم کرد تا خود را از زنجیرهای استبداد رها کنن.
و به همین دلیل من دوباره خطاب به شما میگم:
ای شهروندان ایران این فرصت رو از دست ندهید.
این فرصتیست که فقط یه بار در هر نسل پیش… pic.twitter.com/JILOEzFjEx
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) March 1, 2026
उन्होंने इसे “ऐतिहासिक मिशन” बताते हुए लोगों से एकजुट होने और अपने भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने भी सैन्य कार्रवाई की घोषणा करते हुए ईरानी जनता से कहा “जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लेना… शायद यह पीढ़ियों तक आपका एकमात्र मौका हो।” यह बयान क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा हस्तक्षेप माना जा रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने हमले को “मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की खुली घोषणा” करार दिया। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों से बदला लेना तेहरान का “वैध अधिकार और कर्तव्य” है।उन्होंने कहा “यह महान जिम्मेदारी है और हम इसे पूरा करेंगे” । विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम केवल दो देशों के बीच टकराव नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।