Edited By Pardeep,Updated: 08 Jun, 2026 01:47 AM

मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान ने रविवार को उत्तरी इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर दो महीने से चले आ रहे संघर्ष विराम को खत्म कर दिया है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने के बाद यह पहला बड़ा हमला है।
तेल अवीव/तेहरान: मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान ने रविवार को उत्तरी इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर दो महीने से चले आ रहे संघर्ष विराम को खत्म कर दिया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध थमने के बाद यह पहला बड़ा हमला है।
बेरुत में हमले का लिया बदला
ईरानी अधिकारियों ने रविवार सुबह ही जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी। दरअसल, इजराइली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरुत के दक्षिणी हिस्सों में भीषण बमबारी की थी, जिसे ईरान के सहयोगी संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ एक अभियान के रूप में देखा जा रहा था। इसी हमले के विरोध में ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक ईरानी मिसाइल हमले में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
फरवरी में हुआ था भीषण रक्तपात
गौरतलब है कि इसी साल फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़ा हमला किया था, जिसके बाद कई हफ्तों तक भीषण हवाई युद्ध चला था। उस दौरान हुई गोलाबारी में हजारों लोग मारे गए थे, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या ईरान और लेबनान के नागरिकों की थी। इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी हिलाकर रख दिया था। जवाब में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों पर ड्रोन व मिसाइलों की बौछार कर दी थी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में समुद्री यातायात पूरी तरह ठप कर दिया था।
इजराइल के रामत डेविड एयर बेस को बनाया निशानाः IRGC
हमले के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उन्होंने IRGC एयरोस्पेस फोर्स की बैलिस्टिक मिसाइलों से इजराइल के रामत डेविड एयर बेस को निशाना बनाया। IRGC ने कहा कि यह हमला एक चेतावनी थी और अगर हमला दोहराया गया, तो ईरान का जवाब और बड़ा होगा और इसमें इलाके के सभी US-इज़राइली टारगेट शामिल होंगे।
IRGC ने आगे कहा कि ईरान का सीजफायर मानना इस शर्त पर था कि सभी मोर्चों पर गोलीबारी खत्म हो जाएगी, लेकिन यूनाइटेड स्टेट्स और इजराइल ने अपने वादे पूरे नहीं किए।
ईरानी जनरल की कड़ी चेतावनी
ईरान के मेजर जनरल मोहसेन रजाई ने इस हमले के बाद सख्त लहजे में कहा कि ईरान संघर्ष विराम के उल्लंघन या लेबनान के खिलाफ किसी भी आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "आज रात हमलावरों को उनका जवाब मिल गया है। यह उनके लिए एक चेतावनी है; यदि वे फिर से कोई कार्रवाई करते हैं, तो उन्हें पहले से भी अधिक शक्तिशाली जवाब और भारी कीमत चुकानी होगी"।
ट्रंप की शांति कोशिशें बेअसर
अप्रैल की शुरुआत से ही तीनों देशों के बीच एक अस्थिर संघर्ष विराम चल रहा था। इस दौरान ट्रंप प्रशासन लगातार ईरानी वार्ताकारों के साथ बातचीत कर युद्ध को स्थाई रूप से समाप्त करने की कोशिशों में जुटा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार संकेत दिए हैं कि एक बड़ा शांति समझौता होने वाला है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। ताजा मिसाइल हमले ने शांति वार्ताओं पर फिर से सवालिया निशान लगा दिए हैं।