Edited By Pardeep,Updated: 18 Aug, 2026 05:39 AM

झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़ी खबर आई है। राज्य के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने देर शाम अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। यह कदम हेमंत सोरेन सरकार द्वारा एक बड़ा...
रांचीः झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़ी खबर आई है। राज्य के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने देर शाम अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। यह कदम हेमंत सोरेन सरकार द्वारा एक बड़ा फैसला लेते हुए वर्ष 2014 से अब तक की सभी सरकारी परीक्षाओं और भर्तियों को रद्द करने के कुछ ही घंटों बाद उठाया गया।
अस्पताल में मंत्रियों से मुलाकात के बाद तोड़ा अनशन
रांची के सदर अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो ने उनसे मिलने पहुंचे मंत्रियों और विधायकों से मुलाकात के बाद अपना अनशन समाप्त किया। अनशन वापस लेने के बाद महतो ने सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जांच का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वाले असली दोषियों पर शिकंजा कसना है। छात्र परीक्षा प्रणाली से भ्रष्टाचार को खत्म करने के सरकार के सुधार प्रयासों में अपना पूरा सहयोग जारी रखेंगे।
भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए पुख्ता तंत्र की मांग
देवेंद्र नाथ महतो ने जोर देकर कहा कि हमें एक ऐसा मजबूत तंत्र चाहिए जो भविष्य में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को हमेशा के लिए रोक सके। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से कहा, "मैंने अपने जीवन में ऐसे कई मामले देखे हैं जहां सीबीआई (CBI) या सीआईडी (CID) जांच के आदेश दिए गए और फिर उन्हें रद्द कर दिया गया। हमें एक ऐसी प्रणाली की आवश्यकता है जहां सरकार यह गारंटी दे कि भविष्य में कभी पेपर लीक नहीं होगा"।
सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा एलान: सीआईडी करेगी जांच
सोमवार देर शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षाओं सहित 2014 से आयोजित की गई सभी सरकारी नौकरियां और भर्तियां रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2014 से अब तक हुई सभी परीक्षाओं की जांच सीआईडी (CID) द्वारा की जाएगी।
छात्रों का प्रदर्शन अभी भी जारी, सीबीआई जांच की मांग पर अड़े
यद्यपि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल वापस ले ली है, लेकिन अन्य आंदोलनकारी छात्रों ने अभी अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। छात्रों का कहना है कि वे सीआईडी जांच से संतुष्ट नहीं हैं और पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।