10 Thousand Salary में SIP कैसे शुरू करें? जानें 50-30-20 Rule और Monthly Budget Planning

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 03:55 PM

10 thousand salary sip fund in 10 thousand salary  50 30 20 rule

अक्सर लोगों को लगता है कि निवेश करना सिर्फ अमीर लोगों का काम है या निवेश शुरू करने के लिए जेब में लाखों रुपये होने चाहिए। लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। अगर आपकी आमदनी मात्र ₹10,000 महीना भी है, तो भी आप एक बड़ा फंड खड़ा कर सकते हैं। इसके लिए बस...

नेशनल डेस्क: अक्सर लोगों को लगता है कि निवेश करना सिर्फ अमीर लोगों का काम है या निवेश शुरू करने के लिए जेब में लाखों रुपये होने चाहिए। लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। अगर आपकी आमदनी मात्र ₹10,000 महीना भी है, तो भी आप एक बड़ा फंड खड़ा कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको गणित के एक आसान से फॉर्मूले को अपनी जिंदगी में उतारना होगा, जिसे दुनिया भर के एक्सपर्ट्स '50-30-20 रूल' कहते हैं।

क्या है यह 50-30-20 का फॉर्मूला?
यह नियम आपके पैसों को मैनेज करने का सबसे सरल तरीका है। यह आपकी सैलरी को तीन अलग-अलग गुल्लक में बांट देता है:

1. 50% हिस्सा: अनिवार्य जरूरतें (Needs) आपकी कुल कमाई का आधा हिस्सा उन खर्चों के लिए होना चाहिए जिनके बिना गुजारा मुमकिन नहीं है। जैसे घर का किराया, बिजली-पानी का बिल, राशन और बच्चों की फीस। अगर आप ₹10,000 कमाते हैं, तो कोशिश करें कि ₹5,000 में ये सभी बुनियादी जरूरतें पूरी हो जाएं।

2. 30% हिस्सा: छोटी-मोटी इच्छाएं (Wants) इंसान सिर्फ जिंदा रहने के लिए नहीं कमाता, बल्कि थोड़ा शौक पूरा करना भी जरूरी है। आपकी कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा यानी ₹3,000 आपकी निजी इच्छाओं के लिए है। इसमें बाहर खाना-पीना, फिल्म देखना, मोबाइल रिचार्ज या कोई मनपसंद कपड़ा खरीदना शामिल हो सकता है।

3. 20% हिस्सा: भविष्य का निवेश (Savings & Investment) यही वह हिस्सा है जो आपको भविष्य में अमीर बनाएगा। नियम कहता है कि अपनी सैलरी का कम से कम 20 प्रतिशत यानी ₹2,000 हर महीने निवेश के लिए अलग निकाल दें। इसे खर्च करने के बाद नहीं, बल्कि सैलरी आते ही सबसे पहले अलग करना चाहिए।

कहां करें निवेश? सुरक्षित और आसान रास्ते
अगर आप जोखिम नहीं उठाना चाहते और चाहते हैं कि आपका पैसा सुरक्षित रहे, तो बाजार में कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं:

पोस्ट ऑफिस स्कीम्स: यहां छोटी रकम से शुरुआत की जा सकती है और सरकारी गारंटी भी मिलती है।

बैंक FD या RD: नियमित बचत के लिए बैंक की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) एक बेहतरीन विकल्प है।

PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड): लंबी अवधि के निवेश के लिए यह टैक्स फ्री और सुरक्षित रास्ता है।

याद रखें: निवेश की राशि से ज्यादा जरूरी है आपका अनुशासन। भले ही आप महीने के ₹2,000 से शुरू करें, लेकिन अगर आप इसे सालों तक लगातार जारी रखते हैं, तो 'कंपाउंडिंग' की ताकत इसे एक बड़े फंड में बदल देगी। अपनी बचत को बढ़ाकर आप भविष्य की आर्थिक तंगियों से हमेशा के लिए आजाद हो सकते हैं।

Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्कीम में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा जरूर करें क्योंकि निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!