Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Feb, 2026 02:42 PM

नए साल की शुरुआत के साथ ही म्यूचुअल फंड निवेशकों ने SIP के जरिए जोरदार भरोसा दिखाया है। जनवरी महीने में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के माध्यम से निवेश बढ़कर 31,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह लगातार दूसरा महीना है, जब SIP इनफ्लो 31 हजार...
मुंबई: नए साल की शुरुआत के साथ ही म्यूचुअल फंड निवेशकों ने SIP के जरिए जोरदार भरोसा दिखाया है। जनवरी महीने में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के माध्यम से निवेश बढ़कर 31,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह लगातार दूसरा महीना है, जब SIP इनफ्लो 31 हजार करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रहा है। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों में सामने आई है।
दिसंबर में SIP के जरिए निवेश 31,002 करोड़ रुपये रहा था। साल-दर-साल तुलना करें तो जनवरी 2026 में SIP इनफ्लो में करीब 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 26,400 करोड़ रुपये था।
74 लाख नए SIP अकाउंट खुले
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में 74 लाख नए SIP अकाउंट खोले गए। वहीं इसी दौरान करीब 55 लाख SIP अकाउंट बंद भी हुए। इसके बावजूद देश में कुल SIP अकाउंट की संख्या बढ़कर 10.29 करोड़ हो गई, जो दिसंबर में 10.11 करोड़ थी।
बाजार गिरा, फिर भी SIP का भरोसा कायम
जनवरी में बाजार में कमजोरी के चलते SIP से जुड़े एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में हल्की गिरावट देखने को मिली। SIP AUM दिसंबर के 16.63 लाख करोड़ रुपये से घटकर 16.36 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसके बावजूद SIP का म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल AUM में हिस्सा 20.2 फीसदी बना हुआ है।
गोल्ड ETF की ओर बढ़ा झुकाव
AMFI के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है। जनवरी में गोल्ड ETF में निवेश दोगुना होकर 24,039 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो दिसंबर में 11,647 करोड़ रुपये था। इससे साफ है कि शेयर बाजार के साथ-साथ लोग सोने में भी भरोसा दिखा रहे हैं।
इक्विटी फंड में हल्की नरमी
जनवरी में एक्टिव इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश घटकर 24,029 करोड़ रुपये रह गया, जो दिसंबर में 28,054 करोड़ रुपये था। यानी करीब 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है।
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए मजबूत महीना
कुल मिलाकर जनवरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक रहा। इस दौरान नेट निवेश 1.56 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा 66,591 करोड़ रुपये था। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक एक बार फिर म्यूचुअल फंड को लेकर सक्रिय हो रहे हैं और लंबी अवधि के निवेश पर भरोसा जता रहे हैं।