Edited By Mehak,Updated: 02 Feb, 2026 03:49 PM

अब गांवों में सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बिजनेस से भी अच्छी कमाई की जा सकती है। महज 20 हजार रुपये की पूंजी से डेयरी, आटा चक्की, मसाला पिसाई और मोबाइल रिपेयर जैसे काम शुरू किए जा सकते हैं। ये कारोबार रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े होने के कारण...
नेशनल डेस्क : पहले गांवों में रोजगार के सीमित विकल्प होते थे और खेती ही आय का मुख्य साधन मानी जाती थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज गांवों में भी छोटे-छोटे बिजनेस तेजी से बढ़ रहे हैं, क्योंकि लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए स्थानीय सेवाएं चाहिए। कम लागत और कम जोखिम वाले काम गांवों में अच्छी कमाई का जरिया बन रहे हैं। खास बात यह है कि ऐसे कई बिजनेस सिर्फ 20 हजार रुपये से भी शुरू किए जा सकते हैं।
गांव में क्यों बढ़ रही है छोटे बिजनेस की मांग
गांवों में अब लोगों की जरूरतें बढ़ गई हैं। दूध, आटा, मसाले, मोबाइल रिपेयर जैसी सेवाओं के लिए शहर जाने की बजाय लोग गांव में ही सुविधा चाहते हैं। ऐसे कामों में ज्यादा मार्केटिंग की जरूरत नहीं होती, क्योंकि ग्राहक खुद आपके पास आते हैं। सही जगह और थोड़ी समझदारी से किया गया प्लान गांव में सफल बिजनेस बना सकता है।
मिनी डेयरी और डायरेक्ट दूध सप्लाई
डेयरी बिजनेस गांवों में हमेशा से भरोसेमंद माना जाता है। करीब 20 हजार रुपये में साझेदारी, किराये या एडवांस पर दुधारू पशु लेकर इसकी शुरुआत की जा सकती है। ताजा दूध घर-घर पहुंचाने से ग्राहक जल्दी जुड़ते हैं। साथ ही दही, पनीर और घी बनाकर बेचने से कमाई और बढ़ाई जा सकती है। सुबह-शाम दूध की सप्लाई से रोजाना कैश फ्लो बना रहता है और आसपास के कस्बों तक सप्लाई बढ़ाकर ग्राहक संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
आटा चक्की और मसाला पिसाई का काम
आज भी गांवों में लोग गेहूं, मक्का और मसाले पिसवाने के लिए दूर जाना पड़ता है। छोटी आटा चक्की और मसाला ग्राइंडिंग मशीन लगाकर यह जरूरत गांव में ही पूरी की जा सकती है। सेकंड-हैंड मशीन से शुरुआत करने पर खर्च कम रहता है। हल्दी, मिर्च और धनिया जैसे मसालों की पूरे साल मांग रहती है। लोग अपने घर का अनाज खुद पिसवाना पसंद करते हैं, इसलिए ग्राहक अपने आप बन जाते हैं। यह काम सालभर चलता है और लंबे समय में अच्छा मुनाफा देता है।
मोबाइल रिपेयर और रिचार्ज की दुकान
अब गांवों में भी लगभग हर घर में स्मार्टफोन है, लेकिन रिपेयर के लिए शहर जाना पड़ता है। मोबाइल रिचार्ज, सिम एक्टिवेशन और छोटी-मोटी रिपेयरिंग के साथ एक्सेसरी की दुकान खोलकर अच्छी कमाई की जा सकती है। मोबाइल कवर, चार्जर और इयरफोन जैसी चीजों पर अच्छा मार्जिन मिलता है। अगर स्क्रीन या बैटरी बदलने जैसे काम सीख लिए जाएं तो कमाई के और भी मौके बन जाते हैं।
गांवों में कम पूंजी से शुरू होने वाले ये बिजनेस न सिर्फ स्थायी आमदनी देते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों की जरूरतें भी पूरी करते हैं। सही योजना और मेहनत से गांव में भी सफल उद्यम खड़ा किया जा सकता है।