Edited By Radhika,Updated: 21 Mar, 2026 04:59 PM

विदेश जाने के लिए लोग अक्सर Embassy के चक्कर काटते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हैदराबाद में एक ऐसा दरबार है जहाँ भक्त सीधे 'ईश्वर' के पास अपना वीजा एप्लीकेशन लेकर पहुँचते हैं? गगनचुंबी इमारतों और आईटी हब वाले हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित...
VISA Temple Hyderabad: विदेश जाने के लिए लोग अक्सर Embassy के चक्कर काटते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हैदराबाद में एक ऐसा दरबार है जहाँ भक्त सीधे 'ईश्वर' के पास अपना वीजा एप्लीकेशन लेकर पहुँचते हैं? गगनचुंबी इमारतों और आईटी हब वाले हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित चिलकुर बालाजी मंदिर (Chilkur Balaji Temple) को आज दुनिया 'वीजा वाले बालाजी' के नाम से जानती है। आइए जानते हैं क्या है इस अनोखे मंदिर की कहानी और वो परंपरा जो इसे खास बनाती है।
1. 16वीं सदी का चमत्कार और आधुनिक विश्वास
इस मंदिर की जड़ें 500 साल पुरानी हैं। कथाओं के अनुसार, भगवान वेंकटेश्वर ने अपने एक बीमार भक्त को दर्शन देने के लिए स्वयं इस स्थान को चुना था। लेकिन आज के 'ग्लोबल इंडिया' में यह मंदिर उन छात्रों और प्रोफेशनल्स की पहली पसंद बन गया है जो अमेरिका, ब्रिटेन या कनाडा जाने का सपना देखते हैं।
2. '11 और 108' का अनोखा गणित
यहाँ पूजा करने का तरीका बाकी मंदिरों से बिल्कुल अलग है। मान्यता है कि भक्त अपनी वीजा की अर्जी लेकर मंदिर के गर्भगृह की 11 परिक्रमा करते हैं। कई श्रद्धालु इस दौरान अपने हाथ में पासपोर्ट या वीजा डॉक्यूमेंट्स भी रखते हैं। जब वीजा मिल जाता है, तो भक्त वापस आकर भगवान का आभार जताने के लिए 108 परिक्रमा पूरी करते हैं।

3. 'नो वीआईपी' कल्चर
चिलकुर बालाजी की सबसे खास बात यह है कि यहाँ न कोई दानपात्र है और न ही कोई वीआईपी कतार। चाहे कोई बड़ा नेता हो या आम छात्र, सबको एक ही लाइन में खड़ा होना पड़ता है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि भगवान की नज़रों में भक्ति ही एकमात्र मुद्रा है।
4. टेक-सिटी का 'आध्यात्मिक' गूगल
उस्मान सागर झील के किनारे स्थित यह शांत मंदिर अब एक 'मस्ट-विजिट' टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है। लोग यहाँ सिर्फ दर्शन के लिए नहीं, बल्कि उस सकारात्मक ऊर्जा को महसूस करने आते हैं जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को नई उड़ान दे सके।
मंदिर को लेकर प्रनुथ जानकारी इस प्रकार है।
यह मंदिर हैदराबाद के चिलकुर गांव में हैं। इस मंदिर में भगवान वेंक्टेश्वर यानि की बालाजी विराजमान हैं। इसकी खासियत है कि यह मंदिर वीजा संबंधी मन्न्तों के लिए काफी प्रसिद्ध है और यहां पर किसी प्रकार का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता।