Edited By Anu Malhotra,Updated: 14 Mar, 2026 12:28 PM

New Delhi/Dubai: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच मचे घमासान ने जब पूरी दुनिया की उड़ानों के पहिए थाम दिए, तो भारत ने अपनी 'अतिथि देवो भव' की परंपरा को निभाते हुए एक मिसाल पेश की है। खाड़ी देशों में छिड़ी जंग के कारण जो विदेशी नागरिक चाहकर भी...
New Delhi/Dubai: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच मचे घमासान ने जब पूरी दुनिया की उड़ानों के पहिए थाम दिए, तो भारत ने अपनी 'अतिथि देवो भव' की परंपरा को निभाते हुए एक मिसाल पेश की है। खाड़ी देशों में छिड़ी जंग के कारण जो विदेशी नागरिक चाहकर भी भारत से अपने वतन नहीं लौट पा रहे हैं, उनके लिए मोदी सरकार ने राहतों का पिटारा खोल दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि युद्ध की इस घड़ी में किसी भी विदेशी मेहमान को कानूनी उलझनों या जुर्माने के बोझ तले दबने नहीं दिया जाएगा।
वीजा की टेंशन खत्म, अब 30 दिन की एक्स्ट्रा मोहलत
दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास की ओर से आए ताजा अपडेट के मुताबिक, जिन विदेशियों का ई-वीजा या रेगुलर वीजा खत्म हो चुका है या अगले कुछ दिनों में खत्म होने वाला है, उन्हें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार ने उनके रुकने की अवधि को अगले 30 दिनों के लिए बिल्कुल मुफ्त में बढ़ा दिया है। यह फैसला उन लोगों के लिए संजीवनी जैसा है जो फ्लाइट्स रद्द होने की वजह से अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे थे।
न ओवरस्टे का डर, न जुर्माने का चक्कर
आमतौर पर वीजा की अवधि से ज्यादा रुकने पर भारी-भरकम जुर्माना (ओवरस्टे पेनल्टी) देना पड़ता है, लेकिन मौजूदा संकट को देखते हुए भारत ने इसे पूरी तरह माफ कर दिया है। 28 फरवरी के बाद से जारी इस संघर्ष के चलते जो भी विदेशी नागरिक यहां फंसे हैं, उनसे एक पैसा भी जुर्माना नहीं लिया जाएगा। इतना ही नहीं, जैसे ही आसमान से युद्ध के बादल छंटेंगे और उड़ानें फिर से शुरू होंगी, इन नागरिकों को बिना किसी फीस के 'एग्जिट परमिट' दिया जाएगा ताकि वे सम्मान के साथ सुरक्षित घर लौट सकें।
कानून की सख्ती पर मानवीयता का मरहम
सरकार ने नियमों में इतनी ढील दी है कि अगर कोई तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से वीजा बढ़ाने के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाता है, तो भी उसे अपराधी या कानून तोड़ने वाला नहीं माना जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस वैश्विक संकट के समय मानवीय दृष्टिकोण अपनाना सबसे ज्यादा जरूरी है।
आखिर क्यों खड़े हुए ये हालात?
ईरान द्वारा खाड़ी में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट का हवाई क्षेत्र असुरक्षित हो गया है। कई देशों ने अपनी सीमाएं और आसमान बंद कर दिए हैं, जिससे वैश्विक विमान सेवा पूरी तरह चरमरा गई है। तेल की कीमतों में उछाल और युद्ध की आशंका ने हजारों पर्यटकों को भारत में ही रुकने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में भारत के इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है, जो यह दिखाता है कि संकट के समय भारत केवल अपने नागरिकों ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।