Edited By Parveen Kumar,Updated: 04 Mar, 2026 04:21 PM

तेलंगाना के नागरकर्णूल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने शिक्षा व्यवस्था, पारिवारिक संवाद और किशोरियों की स्वास्थ्य जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 16 वर्षीय एक छात्रा, जो सरकारी आवासीय विद्यालय में इंटर प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है,...
नेशनल डेस्क : तेलंगाना के नागरकर्णूल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने शिक्षा व्यवस्था, पारिवारिक संवाद और किशोरियों की स्वास्थ्य जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 16 वर्षीय एक छात्रा, जो सरकारी आवासीय विद्यालय में इंटर प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है, सोमवार को परीक्षा देकर घर लौटी थी। घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद उसे तेज पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए।
स्कैनिंग सेंटर में अप्रत्याशित खुलासा
डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद उसे स्कैनिंग सेंटर भेजा। वहीं जांच के दौरान स्थिति अचानक बदल गई। जानकारी के अनुसार, सेंटर के बाथरूम में ही छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया। यह घटनाक्रम वहां मौजूद स्टाफ के लिए पूरी तरह अप्रत्याशित था। नवजात स्वस्थ बताया जा रहा है।
घबराहट में उठाया गलत कदम
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, घबराहट और सामाजिक दबाव के कारण छात्रा और उसकी मां ने नवजात को कूड़ेदान में छोड़ दिया। हालांकि सेंटर के कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को भांप लिया और पुलिस को सूचना दी। समय रहते कार्रवाई होने से बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया।
मां-बेटा अस्पताल में, जांच जारी
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मां और नवजात दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। छात्रा Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya (KGBV) से जुड़ी बताई जा रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं के लिए संचालित आवासीय विद्यालय है।
कानूनी पहलू और सामाजिक सवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पितृत्व की पुष्टि के साथ-साथ यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी प्रकार का दुरुपयोग तो नहीं हुआ। इस संदर्भ में Protection of Children from Sexual Offences Act (POCSO) के तहत संभावित अपराध की भी जांच की जा रही है।