Edited By Radhika,Updated: 23 Apr, 2026 02:07 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को मतदान के शुरुआती दो घंटों में 18.76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ और सुबह नौ बजे तक 3.60 करोड़...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को मतदान के शुरुआती दो घंटों में 18.76% मतदान दर्ज किया गया। अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ और सुबह नौ बजे तक 3.60 करोड़ मतदाताओं में से 18.76% ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
बंगाल में 1 बजे तक हुई 62.18% वोटिंग
बंगाल में दोपहर एक बजे तक पश्चिम बंगाल में 62.18% हुआ मतदान।
11 बजे तक हुआ 41.11% मतदान
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह 11 बजे तक पश्चिम बंगाल (पहले चरण) में 41.11% और तमिलनाडु में 37.57% मतदान दर्ज किया गया है।
पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में सबसे ज्यादा वोटिंग
बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। पश्चिम मेदिनीपुर जिला 44.68% मतदान के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद झाड़ग्राम (43.71%) और बांकुड़ा (43.22%) का नंबर आता है। मालदा जिले में अब तक सबसे कम 38.22% वोटिंग हुई है। यहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं, जबकि भाजपा उन्हें कड़ी चुनौती दे रही है।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, शुरुआती दो घंटों में बांकुड़ा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 22.05 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद मुर्शिदाबाद के समसेरगंज में 21.85 प्रतिशत और पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोणा में 21.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
कूचबिहार दक्षिण में सबसे कम 15.57 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद मालदा के चांचल में 15.64 प्रतिशत और हरिश्चंद्रपुर में 15.98 प्रतिशत मतदान हुआ। कुछ स्थानों पर ईवीएम में खराबी के कारण मतदान प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने कहा कि इन्हें ठीक करने का काम जारी है। कांग्रेस के सूरी से उम्मीदवार संजय अधिकारी ने आरोप लगाया कि सुबह सात बजे मतदान केंद्र पहुंचने के बावजूद ईवीएम में खराबी के कारण वह वोट नहीं डाल सके। उन्होंने करीब एक घंटे तक मतदान रुके रहने के बाद 'पीटीआई-वीडियो' से कहा, ''हमने जिला मजिस्ट्रेट और स्थानीय मतदान अधिकारी से शिकायत कर दी है, लेकिन अब तक मशीन ठीक नहीं हुई है। बूथ के बाहर सैकड़ों मतदाता कतार में खड़े हैं और यहां निर्वाचन आयोग का कोई प्रतिनिधि नहीं है, जो बता सके कि मतदान फिर कब शुरू होगा।'' उन्होंने कहा कि पार्टी ने चुनाव आयोग से प्रभावित बूथ पर मतदान समय बढ़ाने या यदि सुबह 10 बजे तक ईवीएम ठीक नहीं होती है तो पुनर्मतदान कराने की मांग की है।
मालतीपुर से कांग्रेस उम्मीदवार मौसम नूर ने भी मतदान किया और अपनी जीत को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, ''अब तक की रिपोर्ट के अनुसार सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है।'' अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों से रातभर हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं। पहले चरण में कई दिग्गज उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य उम्मीदवारों में नंदीग्राम से नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (भाजपा), माथाभांगा से पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक (भाजपा), दिनहाटा से राज्य के मंत्री उदयन गुहा (तृणमूल कांग्रेस), सिलीगुड़ी से गौतम देव (तृणमूल कांग्रेस) और बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस) शामिल हैं। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के नंदनायकबर प्राथमिक विद्यालय में मतदान किया और लोगों से शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की अपील की।
भाजपा के खड़गपुर सदर से उम्मीदवार दिलीप घोष ने भी पश्चिम मेदिनीपुर जिले के औद्योगिक नगर में सेरोसा स्टेडियम स्थित बूथ संख्या 263 पर मतदान किया। मतदान के बाद घोष ने कहा, ''मुझे ज्यादा घूमने की जरूरत नहीं लगती। लोग शांतिपूर्वक तरीके से मतदान कर रहे हैं। स्थिति सामान्य है।'' पहले चरण में राज्य की 294 सीटों में से आधे से अधिक सीटों पर मतदान हो रहा है। इसे भाजपा के लिए शुरुआती बढ़त बनाने का बड़ा अवसर और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए लगातार चौथी बार सत्ता में लौटने की सबसे अहम परीक्षा माना जा रहा है। राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी।