दिल्ली में एक महीने तक तैनात रहेंगे 20 हजार अर्धसैनिक बलों के जवान, जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर

Edited By Updated: 12 Oct, 2026 07:58 PM

20 000 paramilitary personnel will remain deployed in delhi for a month

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी में तैनात करीब 20,000 अर्धसैनिक बलों के जवानों को अगले एक महीने तक दिल्ली में ही तैनात रखने का फैसला लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, INDIA गठबंधन...

नई दिल्ली : दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी में तैनात करीब 20,000 अर्धसैनिक बलों के जवानों को अगले एक महीने तक दिल्ली में ही तैनात रखने का फैसला लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, INDIA गठबंधन और अन्य संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के साथ-साथ त्योहारों के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तय हुए तीन नए स्थल

दिल्ली में अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान को विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए निर्धारित स्थलों के रूप में शामिल किया गया है। वहीं, जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। जंतर-मंतर नई दिल्ली के हाई-सिक्योरिटी सेंट्रल जोन में स्थित है। सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के लिए निर्धारित नए स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ऑडिट पूरा कर लिया गया है। नए इंतजामों का उद्देश्य प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटना है।

दिल्ली की सीमाओं से लेकर रेलवे स्टेशनों तक निगरानी बढ़ी

राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस का जोर बिना अनुमति भीड़ जुटने की घटनाओं को रोकने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने पर है। इसके अलावा, दिल्ली की सीमाओं पर आने-जाने वाले वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों के सत्यापन का अभियान भी बढ़ाया गया है।

दिल्ली पुलिस के हजारों जवान भी तैनात

सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए अर्धसैनिक बलों के साथ दिल्ली पुलिस के हजारों जवानों को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया है। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी जमीनी हालात पर नजर रख रहे हैं। इसका उद्देश्य किसी भी विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

त्योहारों और प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा पर जोर

आगामी त्योहारों के दौरान बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इसी के साथ विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

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