Char Dham Yatra 2026: चारधाम यात्रा के बीच गर्मी का कहर, सामान्य से ऊपर पहुंचा तापमान

Edited By Updated: 21 May, 2026 10:59 AM

char dham yatra 2026

चारधाम यात्रा के बीच उत्तराखंड के पहाड़ों में बढ़ती गर्मी अब चिंता का कारण बनने लगी है। बारिश और बर्फबारी रुकने के बाद चारों धामों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। यात्रा मार्गों पर भारी जाम और वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच गर्मी श्रद्धालुओं की...

देहरादून (इंट): चारधाम यात्रा के बीच उत्तराखंड के पहाड़ों में बढ़ती गर्मी अब चिंता का कारण बनने लगी है। बारिश और बर्फबारी रुकने के बाद चारों धामों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। यात्रा मार्गों पर भारी जाम और वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच गर्मी श्रद्धालुओं की परीक्षा ले रही है। मौसम विभाग के मुताबिक इन दिनों तापमान सामान्य से 3 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है।

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धामों में 22 डिग्री तक पहुंचा तापमान
एक रिपोर्ट के मुताबिक इसी सप्ताह चारों धामों में अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सैल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। इनमें यमुनोत्री सबसे गर्म रहा। वहीं पहाड़ी यात्रा मार्गों के कई शहरों में तापमान 30 से 36 डिग्री सैल्सियस तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही यात्रियों और वाहनों की संख्या पहाड़ों के तापमान पर असर डाल रही है। इसका प्रभाव अब ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी साफ दिखाई देने लगा है।

केदारनाथ-बद्रीनाथ में भी बढ़ा तापमान
विशेषज्ञों के अनुसार मई-जून में केदारनाथ का सामान्य अधिकतम तापमान 10 से 12 डिग्री सैल्सियस माना जाता है, लेकिन इन दिनों यह 15 से 18 डिग्री तक पहुंच रहा है। इसी तरह बद्रीनाथ में सामान्य तौर पर 16 से 19 डिग्री रहने वाला तापमान अब 22 डिग्री सैल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। गंगोत्री धाम में तापमान 19 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि यमुनोत्री में दिन के समय पारा 24 डिग्री तक पहुंच रहा है।

4 साल में बढ़ा न्यूनतम तापमान
वैज्ञानिकों के मुताबिक दिसम्बर 2021 से दिसम्बर 2025 के बीच उत्तराखंड का औसत न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री से बढ़कर 8.3 डिग्री सैल्सियस तक पहुंच गया है। इसका असर जंगलों और ग्लेशियरों पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बांज के जंगलों का घनत्व लगातार घट रहा है और पेड़ों की ट्री-लाइन ऊंचाई की ओर खिसक रही है, जो जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

तेजी से सिकुड़ रहे चारधाम के ग्लेशियर
‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार 1990 से 2020 के बीच चारधाम क्षेत्र में तापमान बढ़ने से ग्लेशियर तेजी से पीछे हट रहे हैं। गंगोत्री ग्लेशियर हर साल करीब 22.3 मीटर पीछे खिसक रहा है। यमुनोत्री ग्लेशियर 20 मीटर प्रति वर्ष की दर से सिकुड़ रहा है। बद्रीनाथ ग्लेशियर 17.3 मीटर प्रति वर्ष और केदारनाथ ग्लेशियर 14.1 मीटर प्रति वर्ष की दर से पीछे हट रहा है।

मौसम विभाग ने जताई चिंता
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर ने कहा कि देश-दुनिया की तरह पहाड़ों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। चारधाम रूट के शहरों में पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धामों में तापमान की लगातार निगरानी की जा रही है और बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए ठोस उपाय करने की जरूरत है।

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