Edited By Radhika,Updated: 21 May, 2026 12:15 PM

अफ्रीका महाद्वीप के कुछ देशों में पैर पसार रहे खतरनाक Ebola Virus को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। WHO द्वारा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला के बढ़ते मामलों को public health emergency का ऐलान किया गया है।...
Ebola Virus In India: अफ्रीका महाद्वीप के कुछ देशों में पैर पसार रहे खतरनाक Ebola Virus को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। WHO द्वारा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला के बढ़ते मामलों को public health emergency का ऐलान किया गया है। इस घोषणा के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। इसी के चलते Directorate General of Health Services(DGHS) ने देश के सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स के लिए एक नई स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है।
इन यात्रियों पर रखी जाएगी खास नजर
यह गाइडलाइंस मुख्य रूप से कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे अत्यधिक प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों पर लागू होगी। सरकार ने यात्रियों और एयरपोर्ट अथॉरिटी के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
- यदि किसी यात्री में तेज बुखार, सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, दस्त, गले में खराश या शरीर से खून बहने जैसे लक्षण दिखते हैं, तो उन्हें इमिग्रेशन काउंटर पर जाने से पहले ही एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर (AHO) को इसकी जानकारी देनी होगी।
- संक्रमित देशों से लौटे यात्रियों को सलाह दी गई है कि यदि भारत आने के 21 दिनों के भीतर उनमें कोई भी लक्षण दिखाई देता है, तो वे तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करें और अपनी ट्रैवल हिस्ट्री साझा करें।
- जो लोग किसी संक्रमित मरीज के सीधे संपर्क में या उनके 'बॉडी फ्लूइड' (शारीरिक तरल पदार्थ) के संपर्क में आए हैं, उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
भारत में खतरा बेहद कम, लेकिन सावधानी जरूरी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) ने देश की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान:
फिलहाल भारत में इबोला वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है और देश के लिए इसका जोखिम अभी बेहद कम है। इसके बावजूद, एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कदमों को मजबूत किया जा रहा है।
एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (APHO) को इस पूरी स्क्रीनिंग प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चूंकि इबोला एक बेहद गंभीर और संक्रामक बीमारी है, इसलिए सरकार ने विदेश से आने वाले सभी यात्रियों से एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच में पूरा सहयोग करने की अपील की है।