47% लोग हैं इस साइलेंट बीमारी का शिकार, कहीं आप भी तो नहीं... इस रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Edited By Updated: 29 Mar, 2026 05:28 PM

47 of people are victims of this silent disease

तेजी से बदलते लाइफस्टाइल के बीच लोगों की सेहत पर भी असर साफ नजर आने लगा है। आजकल बड़ी संख्या में लोग सही खानपान के बावजूद लगातार थकान, कमजोरी और फोकस की कमी की शिकायत कर रहे हैं।

नेशनल डेस्क : तेजी से बदलते लाइफस्टाइल के बीच लोगों की सेहत पर भी असर साफ नजर आने लगा है। आजकल बड़ी संख्या में लोग सही खानपान के बावजूद लगातार थकान, कमजोरी और फोकस की कमी की शिकायत कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे एक बड़ी वजह विटामिन B12 की कमी हो सकती है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। Indian Journal of Endocrinology and Metabolism में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, उत्तर भारत में करीब 47 प्रतिशत लोगों में विटामिन B12 की कमी पाई गई है।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन B12?

विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद अहम पोषक तत्व है। यह रेड ब्लड सेल्स के निर्माण, नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने और भोजन को ऊर्जा में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कमी केवल आहार की वजह से ही नहीं, बल्कि शरीर में इसके सही तरीके से अवशोषित न हो पाने के कारण भी हो सकती है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की रिपोर्ट के मुताबिक, शाकाहारी लोगों में इसकी कमी ज्यादा देखी जाती है क्योंकि यह मुख्य रूप से एनिमल-बेस्ड फूड में पाया जाता है। उम्र बढ़ने और कुछ दवाओं के लंबे इस्तेमाल से भी इसका खतरा बढ़ जाता है।

कैसे पहचानें इसकी कमी?

विटामिन B12 की कमी के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, जिससे लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। इनमें लगातार थकान, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत और हल्की सांस फूलना शामिल है। हालांकि, समय के साथ यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। हाथ-पैरों में झुनझुनी, याददाश्त कमजोर होना और शरीर का संतुलन बिगड़ना इसके उन्नत लक्षण माने जाते हैं। ऐसे संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।

किन चीजों से पूरी हो सकती है कमी?

डाइट के जरिए इस कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। नॉन-वेज खाने वालों के लिए अंडे, मछली, चिकन और डेयरी प्रोडक्ट्स विटामिन B12 के अच्छे स्रोत हैं। वहीं, शाकाहारी लोगों को दूध, दही, पनीर के साथ फोर्टिफाइड फूड्स जैसे सीरियल्स और प्लांट-बेस्ड मिल्क को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि सामान्य शाकाहारी आहार में इसकी मात्रा बेहद कम होती है। हालांकि, कुछ मामलों में केवल खानपान से इसकी कमी पूरी नहीं हो पाती।

कब जरूरी हो जाता है इलाज?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि विटामिन B12 की कमी लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह ब्रेन फॉग, अत्यधिक कमजोरी और स्थायी न्यूरोलॉजिकल नुकसान का कारण बन सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन लेना जरूरी हो सकता है। नियमित जांच, संतुलित आहार और समय पर उपचार से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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