Edited By Pardeep,Updated: 31 Jul, 2026 12:41 AM

देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है। वहीं गुजरात में लगातार हो रही बारिश और अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं।
अहमदाबाद: देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है। वहीं गुजरात में लगातार हो रही बारिश और अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अहमदाबाद समेत मध्य और दक्षिण गुजरात के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन), सक्रिय मानसून ट्रफ, शीयर जोन, पश्चिमी विक्षोभ और ऑफशोर ट्रफ के संयुक्त असर से राज्य में तेज बारिश होने की संभावना है।
बारिश के खतरे को देखते हुए कई जिलों में 31 जुलाई (शुक्रवार) को स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कोचिंग संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। मौसम विभाग ने अहमदाबाद, वडोदरा, आणंद, भरूच, सूरत, नवसारी और वलसाड सहित कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
इस खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं:
- अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, भरूच और सूरत जैसे जिलों में शुक्रवार (31 जुलाई) को सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
- अहमदाबाद नगर निगम ने सभी आंगनवाड़ियों को 3 अगस्त तक बंद रखने का फैसला किया है और झीलों व बगीचों में सार्वजनिक प्रवेश पर रोक लगा दी है।
- सरदार पटेल विश्वविद्यालय ने 31 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
- मछुआरों को अगले दो दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF तैनात
प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को तैनात कर दिया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को अलर्ट पर रहने और निचले इलाकों से लोगों व पशुधन को सुरक्षित निकालने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।