Edited By Pardeep,Updated: 23 Jul, 2026 10:51 PM

गुजरात में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को अहमदाबाद में बादलों के फटने जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिससे महज दो घंटे के भीतर करीब 177 मिमी (लगभग 7 इंच) बारिश दर्ज की गई। इस मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक...
अहमदाबाद: गुजरात में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को अहमदाबाद में बादलों के फटने जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिससे महज दो घंटे के भीतर करीब 177 मिमी (लगभग 7 इंच) बारिश दर्ज की गई। इस मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। सड़कों पर जलभराव के कारण वाहन फंस गए और यातायात व्यवस्था चरमरा गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 24 जुलाई को शहर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है।
शहर के कई हिस्सों में कमर तक भरा पानी
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, अहमदाबाद के दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों में सबसे ज्यादा औसतन 9 इंच बारिश हुई। वहीं, पश्चिम क्षेत्र में 8 इंच और मध्य क्षेत्र में 6.5 इंच बारिश दर्ज की गई। भारी जलभराव के कारण अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की तैयारियों की जमकर आलोचना हो रही है क्योंकि शहर की सड़कें कुछ ही घंटों में नदियों में तब्दील हो गई। मणिनगर और बोपल के अंबाली गांव जैसे इलाकों में कमर तक पानी भर जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
दीवार गिरने से तालाब में समाई कारें, आरोग्य केंद्र भी डूबा
भारी बारिश के चलते हादसों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। एक स्थानीय तालाब की दीवार गिरने से उसमें खड़ी तीन कारें पानी में समा गईं, जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। जलभराव का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा है; एक आरोग्य केंद्र (स्वास्थ्य केंद्र) के परिसर में करीब दो फीट पानी भर जाने के कारण उसे बंद करना पड़ा। दमकल विभाग को पेड़ गिरने, दीवार ढहने और शॉर्ट सर्किट की कई शिकायतें मिली हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह ने लिया स्थिति का जायजा
बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात कर स्थिति की समीक्षा की। केंद्र सरकार ने राज्य को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। वहीं, साबरमती नदी के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए वासना बैराज के तीन गेट खोल दिए गए हैं ताकि जल निकासी में सुधार हो सके।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण गुजरात के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जबकि मध्य गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 'ऑरेंज अलर्ट' बरकरार है। आने वाले समय में महिसागर, दाहोद और पंचमहल जैसे जिलों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को 15 गंभीर रूप से जलमग्न सड़कों और जलभराव वाले अंडरपास से बचने की सलाह दी है।