यमन में फिर भड़की भीषण जंग, 60 से ज्यादा की मौ'त; सऊदी अरब ने भी किए हवाई हमले

Edited By Updated: 05 Sep, 2026 10:20 PM

fierce fighting erupts again in yemen killing more than 60

यमन में सऊदी समर्थित सरकारी बलों और ईरान समर्थक हुथी विद्रोहियों के बीच एक बार फिर भीषण जंग छिड़ गई है। शनिवार को लाल सागर के प्रवेश द्वार के पास हुई ताजा हिंसक झड़पों में नागरिकों सहित 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को...

दुबईः यमन में सऊदी समर्थित सरकारी बलों और ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों के बीच एक बार फिर भीषण जंग छिड़ गई है। शनिवार को लाल सागर के प्रवेश द्वार के पास हुई ताजा हिंसक झड़पों में नागरिकों सहित 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को यमन में हाल के वर्षों की सबसे घातक जंग देखी गई थी, जिसमें 129 लोगों के मारे जाने की खबर थी।

यह ताजा हिंसा वर्ष 2022 में हुए एक अस्थाई संघर्ष विराम (ceasefire) के पूरी तरह टूटने के बाद भड़की है, जिसके बाद हूती विद्रोही लगातार तटीय मार्गों और सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों की ओर अपना विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं।

सैनिकों और विद्रोहियों को भारी नुकसान
सैन्य और चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, शनिवार को कई घंटों तक चले इस भीषण युद्ध में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यमन सरकार के तीन सैन्य सूत्रों ने पुष्टि की है कि जंग में 26 सरकारी सैनिक मारे गए हैं। वहीं दूसरी ओर, हूतीयों से जुड़े चिकित्सा और सैन्य सूत्रों के अनुसार उनके भी 31 लड़ाके इस झड़प में ढेर हो गए हैं।

यात्री बस पर मिसाइल हमला, निर्दोष नागरिकों की मौत
इस संघर्ष के बीच एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया है, जहां ताइज़ (Taiz) से अदन (Aden) जा रही एक यात्री बस पर मिसाइल से हमला किया गया। इस हमले में 6 निर्दोष नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई और 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यमन सरकार के एक अधिकारी ने इस बर्बर मिसाइल हमले के लिए सीधे तौर पर हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।

ताइज़ और मोखा बंदरगाह पर कब्जे की रणनीति
यह जंग वर्तमान में मुख्य रूप से ताइज़ शहर के आसपास केंद्रित है, जहां हूती विद्रोहियों ने कुछ क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया था। सरकारी सेना को अब अदन से अतिरिक्त कुमक (सैनिक सहायता) मिल रही है, जिससे आने वाले घंटे इस युद्ध के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं। हुथी विद्रोहियों का मुख्य निशाना सरकार के नियंत्रण वाले महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोखा (Mokha) पर दबाव बनाना और 'बाब अल-मंडेब' जलडमरूमध्य (Bab al-Mandab Strait) के क्षेत्रों के करीब पहुंचना है।

सऊदी अरब के हवाई हमले
यमन सरकार की मदद के लिए सऊदी अरब भी इस जंग में सीधे तौर पर कूद पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी वायुसेना ने ताइज़ में हूतियों  द्वारा हाल ही में कब्ज़ा किए गए तीन ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। यह तनाव जुलाई में संघर्ष विराम टूटने और यमन की राजधानी सना में हूतियों द्वारा ईरानी विमान का स्वागत किए जाने के बाद से लगातार बढ़ता चला गया।

वैश्विक व्यापार पर संकट के बादल
यमन में भड़का यह युद्ध अब पश्चिमी एशिया के व्यापक भू-राजनीतिक संकट को और गंभीर बना रहा है। पहले से ही ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल परिवहन और वैश्विक व्यापार प्रभावित है। ऐसे में वैकल्पिक समुद्री मार्ग के रूप में 'बाब अल-मंडेब' जलडमरूमध्य का महत्व बहुत बढ़ गया है। हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के खिलाफ घोषित समुद्री नाकाबंदी और सऊदी से जुड़े जहाजों पर हमलों ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक गलियारों में से एक में बड़े संकट की आशंका बढ़ा दी है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!