Edited By Mansa Devi,Updated: 08 Jan, 2026 03:44 PM

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ा दी है। अब राज्य के सभी कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य होगा। इस प्रणाली में करीब आठ लाख से अधिक राज्य कर्मचारी शामिल होंगे।
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ा दी है। अब राज्य के सभी कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य होगा। इस प्रणाली में करीब आठ लाख से अधिक राज्य कर्मचारी शामिल होंगे।
सरकारी कर्मचारियों को यह जानकारी समय पर न देने की स्थिति में उनकी जनवरी माह की तंख्वाह रोक दी जा सकती है और 1 फरवरी 2026 को होने वाली डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) मीटिंग में उन्हें प्रमोशन के लिए विचार नहीं किया जाएगा। चीफ सेक्रेटरी ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी संपत्ति से संबंधित विवरण समय पर दर्ज करें। आदेश की अवमानना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस तारीख तक करना होगा ये काम
कर्मचारियों को अपने दस्तावेज़ अपलोड करने के लिए अधिकारिक वेबसाइट ehrms.upsdc.gov.in पर लॉगिन करना होगा। इसके लिए वे अपने यूजर ID और पासवर्ड का उपयोग करेंगे। लॉगिन करने के बाद उन्हें “Property Details” या “Property Declaration” का विकल्प चुनकर अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण दर्ज करना होगा, जिसमें संपत्ति का प्रकार, उसका स्थान और अनुमानित मूल्य शामिल होगा।
विवरण दर्ज करने के बाद फॉर्म को सेव और सबमिट करना अनिवार्य है, सफल सबमिशन के बाद एक कन्फर्मेशन मैसेज प्राप्त होगा। यह कदम सरकारी कर्मचारियों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। 31 जनवरी 2026 तक सभी कर्मचारियों को संपत्ति विवरण अपडेट करना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें वित्तीय और पदोन्नति से संबंधित गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।