Edited By Parveen Kumar,Updated: 30 Mar, 2026 11:52 PM

ज्योतिष और ग्रहों के गोचर की स्थिति के लिहाज से अप्रैल का महीना पूरी दुनिया के लिए काफी अहम रहने वाला है क्योंकि महीने की शुरआत से पहले 29 मार्च को केतु 18 साल बाद अपने मघा नक्षत्र में आ चुके हैं।
नेशनल डेस्क : ज्योतिष और ग्रहों के गोचर की स्थिति के लिहाज से अप्रैल का महीना पूरी दुनिया के लिए काफी अहम रहने वाला है क्योंकि महीने की शुरआत से पहले 29 मार्च को केतु 18 साल बाद अपने मघा नक्षत्र में आ चुके हैं। 2 अप्रैल को मंगल मीन राशि में गोचर करेंगे और इस गोचर के साथ ही कुंभ राशि में बना मंगल-राहु का अंगारक योग टूट जाएगा जबकि मंगल मीन राशि में शनि और सूर्य के साथ त्रिग्रही योग बना लंग, यह योग 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में गोचर के साथ टूटेगा।
इस बीच 11 अप्रैल को बुध मीन राशि में आ कर नीच के हो जाएंगे और 14 से 22 अप्रैल के मध्य शनि, मंगल और बुध उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में रहेंगे। इस बीच 19 अप्रैल को शुक्र वृषभ राशि में गोचर करेगा इस दौरान सरकारों पर दबाव, कठोर नीतिगत फैसले, छिपे हुए मामलों का खुलासा और गलत निर्णयों के कारण अशांति या संघर्ष देखने को मिल सकता है। जत्न से संबंधित समस्याएं, भावनात्मक अस्थिरता और आर्थिक या प्रशासनिक दवाव भी संभव है। आप क के लगन पर इसका निम्न तरीके से प्रभाव पड़ेगा।
मेष: मेष लग्न के जातकों के लिए अप्रैल में 12वां भाव एक्टिव रहेगा। जिससे ऊर्जा में कमी, नींद में बाधा, खचों में वृद्धि और विदेश या एकांत से जुड़े मामलों में चुनौतियां आ सकती हैं। 14 अशील को सूर्य मेष में उच्च का होकर आत्मविश्वास और शक्ति लौयएगा। 14 से 22 अप्रैल के बीच 12वें भाव में ग्रहों की युति मानसिक तनाव, खर्च और बेचैनी बढ़ा सकती है। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।
वृषभ: वृषभ लगन के जातकों का अप्रैल में लाभ, नेटवर्किंग और लक्ष्यों पर ध्यान रहेगा, लेकिन उत्तार बढ़ाव भी आएंगे। 3 अप्रैल को मंगल 11वें भाव में शनि के साथ सक्रियता और नेटवर्क बढ़ाएगा, परंतु विवाद भी संभव हैं। 19 अप्रैल को शुक्र लग्न में आकर आकर्षण और आत्मविश्वास बढ़ाएगा। 14 से 22 अप्रैल के बीच लक्ष्यों में देरी और तनाव संभव है। अमावस्या पर भोजन दान करें और पितरों का आशीर्वाद लें।
मिथुन: मिथुन लगन के जातकों के लिए अप्रैल करियर और प्रतिष्ठा पर केंद्रित रहेगा। 3 अप्रैल को मंगल 10 भाव में दबाव और जिम्मेदारी बढ़ाएगा 115 अप्रैल को सूर्य लाभऔर पहचान दिलाएगा 119 अप्रैल को शुक्र 12वें भाव में खर्च बढ़ा सकता है। मघा में केतु तीसरे भाव में संचार में दूरी ला सकता है 114 से 22 अप्रैल के बीच करियर में दबाव और टकराव संभव है। राम-राम और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कर्क: कर्क अगन के जातकों के लिए प्रैल का महीना भाग्य और शिक्षा पर केंद्रित है। मंगल एवं भाव में गोचर करते हुए मतभेद ला सकता है। बुध के नीच होने से निर्णयों में भ्रम और यात्रा में बाधा संभव है ।15 अप्रैल को सूर्य 10वें भाव में आकर करियर को मजबूत करेगा 119 अप्रैल से शुरू हो रहा शुक्र का गोचर लाभ देगा किंतु दूसरे भाव में वित्तीय अस्थिरता ला सकता है। गीता का पाठ शुरू करें।
सिंह: सिंह लगन के जातकों के लिए अप्रैल 2026 गहरे परिवर्तन और भावनात्मक उतार-चढ़ाव लाएगा। मंगल का 8वें भाव में गोचर दुर्घटना करवा सकता है और आपकी सीक्रेसी लीक हो सकती है। बध के नीच होने से वित्तीय गलतियां हो सकती हैं। इस दौरान अपने नक्षत्र का केतु लग्न में आत्म पहचान बदल सकता है। 14 से 22 अप्रैल के मध्य सावधानी जरूरी है। सूर्य नमस्कार करें और शनिवार को भाजन दान करें।
कन्या: कन्या लग्न के जातकों के लिए रिश्तों में तनाव संभव है। कुंडली के मातवें भाव में मंगल सूर्य और शनि का गोचर वैवाहिक जीवन में विवाद पैदा कर सकता है। इस बीच 10 अप्रैल से बुध के नीच राशि में गोचर करने से गलतफहमियां बड़ेंगी हालांकि 9वें भाव में शुक्र का वृषभ राशि में गोचर राहत देगा और केतु 12वें भाव में एकांत बढ़ाएगा। 14 से 22 अप्रैल संबंधों में तनाव बढ़ेगा। विष्णु सहस्रनाम का पाठ सुनें।
तुला: तुला लगन के जातकों के लिए मंगल, शनि और सूर्य तीनों पाप ग्रहों का छठे भाव में गोचर शुभफलदाई होगा। आपका काम और स्वस्थ पर फोकस रहेगा और मंगल छठे भाव में मेहनत बढ़ाएगा। इस चीच 14 अप्रैल से सूर्य 7वें भाव में रिश्तों पर ध्यान लाएगा। शुक्र सर्वे भाव में अचानक लाभ दे सकता है। केतु 11वें भाव में दूरी ला सकता है। 14 से 22 अप्रैल संघर्ष और स्वास्थ्य मुद्दे संभव हैं। अनुशासन रखें और गाय को भोजन दें।
वृश्चिक: मंगल 5वें भाव में भावनात्मक उतार-चढ़ाव लाएगा। अभ के नीच होने से निर्णयों में भ्रम होगा। सूर्य हवें भाव में कार्य पर ध्यान देगा। शुक्र 7वें भाव में संबंध सुधारेगा। केतु 10वें भाव में करियर बदलाव ला सकता है। 14 से 22 अप्रैल सावधानी रखें। हनुमान चालीसा और सुंदरकांड करें।
धनुः भनु लगन के जातकों के लिए चौथे स्थान में मंगल, शनि और सूर्य का त्रिग्रठी योग घर और परिवार में तनाव पैदा कर सकता है। इस बीच 11 अप्रैल को बुध के नीच होने से परिवार में गलतफहमियां बढ़ेंगी। हालांकि 14 अप्रैल से सूर्य के 5वें भाव में गोचर करने से कॉन्फिडेंस में कुछ बुद्धि होगी और नौवें भाव में केतु भी बदलाव लेकर आएगा। 14 से 22 अप्रैल के मध्य मानसिक तनाव रह सकता है। सूर्य गायत्री मंत्र का जाप करें।
मकरः मकर लगन के जातकों के लिए मंगल, सूर्य और शनि तीसरे भाव में गोचर करेंगे इस से पराक्रम बढ़ेगा हालांकि इस से आपको तनाव और कंधे में पीड़ा जैसी समस्या भी पैदा हो हो सकती है। 11 अक्तूबर को बुभके के नीच होने से संचार में समस्या होगी हालांकि इस बीच बुद्धि विवेक से जुड़े पांचवें भाव में शुक्र का गोचर कुछ रहत देगा। 14 से 22 अप्रैल मानसिक दबाव रहेगा। गणपति को दूर्वा अर्पित करें और हनुमान मंदिर जाएं।
कुम्भ: कुंभ लगन के स्वामी शनि का धन भाव में गोचर विह और परिवार पर ध्यान केंद्रित करेगा रहेगा। हालाँकि इस भाव में मंगल के गोचर और बध के नीच राशि में गोचर करने से वित्तीय गलतियां हो सकती हैं। 14 अप्रैल से तीसरे भाव में सूर्य का गोचर साहस देगा और शुक्र का चौथे भाव में गोचर प्रापर्टी से संबंधित कार्यों में सफलता दिला सकता है। इस महीने में कुल देवता का मंत्र जपने से लाभ होगा।
मीन: मीन लगन के जतकों का लिए अप्रैल का महीना अत्यंत महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी है। लगन के ऊपर से मंगल, सूर्य और शनिका गोचर माइग्रेन और सर दर्द जैसी समस्या दे सकता है जबकि दूसरे भाव में सूर्य के गोचर से अष्टम भाव के एक्सटिव होने से दुर्घटना का भय बना रहेगा।
तीसरे भाव एक शुक्र संचार में सुधार लाएगा। 14 से 22 अप्रैल मानसिक तनाव और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। योग और ध्यान करें तथा अनुशासन बनाए रखें। -गौरी जैन (सोनीला) ज्योतिषी और वास्तु सताइकार