PICS: 90 साल पहले इस गन से ली थी भगत सिंह ने सैंडर्स की जान

Edited By Updated: 16 Feb, 2017 10:49 AM

after 90 years 1st look at bhagat singh s gun

देश की आजादी की लड़ाई में शहीद भगत सिंह के योगदान को बच्चा-बच्चा जानता है। देश के लोगों के बीच आज भी भगत सिंह को आजादी के महान और साहसी क्रांतिकारी के रूप में देखा जाता है।

नई दिल्ली/इंदौर: देश की आजादी की लड़ाई में शहीद भगत सिंह के योगदान को बच्चा-बच्चा जानता है। देश के लोगों के बीच आज भी भगत सिंह को आजादी के महान और साहसी क्रांतिकारी के रूप में देखा जाता है। शहीद भगत सिंह ने देश को अंग्रेजों से मुक्ति दिलाने के लिए खुद अपनी जान न्यौछावर कर दी थी। उनके इस बलिदान को भारत ताउम्र नहीं भूल पाएगा और उनका नाम हमेशा इतिहास के पन्नों में ही नहीं लोगों के दिलों में भी दर्ज रहेगा। वहीं 90 साल बाद शहीद भगत सिंह की वो पिस्तौल सामने आई है जिससे उन्होंने ब्रि‍टिश एएसपी ऑफिसर जॉन सैंडर्स को 17 दिसंबर 1928 को गोली मारी थी। इस पिस्तौल को कोल्ट ऑटोमैटिक गन इंदौर स्थित सीएसडब्ल्यूटी सीमा सुरक्षा बल के रेओटी फायरिंग रेंज में डिसप्ले के लिए लगाया गया है। उनकी गन प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी तादाद में लोग म्यूजियम में पहुंचे।

CSWT संग्रहालय के संगरक्षक, असिस्टेंट कमांडेंट विजेंद्र सिंह ने इस गन को डिसप्ले करने की जिम्मेदारी उठाई। असिस्टेंट कमांडेंट विजेंद्र का कहना है कि भगत सिंह की गन को डिसप्ले में लगाने के लिए वह बहुत उत्साहित थे, जब उन्होंने गन के सीरियल नंबर को रिकॉर्ड्स के साथ मैच किया तो दोनों ही नंबर एक निकले। सीएसडब्ल्यूटी म्यूजियम इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं को अपने अंदर समेटे हुए है। यहां पर  कई तरह के ऐतिहासिक हथियार देखने को मिल जाएंगे। भगत सिंह की गन देखने को लोग बेहद उत्साहित दिखे, बच्चों ने तो कैमरे में उसकी तस्वीरें भी उतारीं

 

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