Edited By Radhika,Updated: 13 May, 2026 05:09 PM

भारतीय संस्कृति में सोने के निवेश को एक भरोसेमंद निवेश माना जाता है। हालांकि भारत अपना ज्यादातर गोल्ड विदेशों से आयात करता है। हाल ही में पश्चिम एशिया के तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ऊर्जा और संसाधनों के साथ-साथ 'एक साल तक...
Gold Price After 1 year : भारतीय संस्कृति में सोने के निवेश को एक भरोसेमंद निवेश माना जाता है। हालांकि भारत अपना ज्यादातर गोल्ड विदेशों से आयात करता है। हाल ही में पश्चिम एशिया के तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ऊर्जा और संसाधनों के साथ-साथ 'एक साल तक सोना न खरीदने' की भावनात्मक अपील की है। ऐसे में अगर लोग एक साल के लिए सोना नहीं खरीदते हैं तो क्या इससे सोने का दम कम हो जाएगा या फिर बढ़ेगा?
1. ग्लोबल मार्केट में आएगी बड़ी गिरावट
दुनिया भर में सोने की कुल मांग का लगभग 25 % हिस्सा अकेले भारत से आता है। अगर भारत के खरीददार एक साल के लिए मार्केट से सोना नहीं खरीदते तो इससे लंदन और न्यूयॉर्क जैसे अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों में मांग का संकट खड़ा हो जाएगा, जिससे ग्लोबल लेवल पर सोने की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है।
2. रुपया होगा मजबूत, कम होगी महंगाई
भारत अपनी खपत का 90% से अधिक सोना आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में करना पड़ता है। आयात रुकने से अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा बचेगी। जब डॉलर की मांग कम होगी, तो भारतीय रुपया मजबूत होगा। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे देश में महंगाई कम हो सकती है।

3. 'करंट अकाउंट डेफिसिट' में सुधार
भारी मात्रा में सोना आयात करने से देश का व्यापार घाटा (Current Account Deficit) बढ़ जाता है। एक साल का 'ब्रेक' भारत की वित्तीय स्थिति को अभूतपूर्व मजबूती दे सकता है और देश का विदेशी मुद्रा भंडार ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच सकता है।
4. निवेश के नए रास्ते खुलेंगे
सोने में फंसा पैसा अगर बैंकों, म्यूचुअल फंड्स या शेयर मार्केट में जाता है, तो इससे देश के व्यापारिक क्षेत्र में नकदी (Liquidity) बढ़ेगी। जिससे इस पैसा का प्रयोग उद्योगों के विस्तार और नए रोजगार पैदा करने के लिए किया जा सकता है।