नक्सलियों को अमित शाह की चेतावनी: हथियार छोड़ो वरना गोली का जवाब गोली से मिलेगा

Edited By Updated: 30 Mar, 2026 06:56 PM

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नई दिल्ली में लोकसभा के दौरान नक्सल मुक्त भारत पर हुई चर्चा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला।

नेशनल डेस्क: नई दिल्ली में लोकसभा के दौरान नक्सल मुक्त भारत पर हुई चर्चा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश अब नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है और इस दिशा में बड़े बदलाव दिख रहे हैं।

“नक्सलवाद अब खत्म होने की कगार पर” – अमित शाह

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय देश के 12 राज्य नक्सलवाद से प्रभावित थे, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर बस्तर क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वहां नक्सलवाद लगभग समाप्ति की ओर है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अब प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है, जिसमें गांव-गांव स्कूल और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

“लाल आतंक के साए में विकास संभव नहीं”

अमित शाह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हथियार उठाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उनका कहना था कि विकास और हिंसा एक साथ नहीं चल सकते, इसलिए सरकार दोनों मोर्चों पर काम कर रही है—सुरक्षा और विकास।

विपक्ष पर सवाल: “नक्सलियों के लिए इतना दर्द क्यों?”

गृह मंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए सवाल उठाया कि आखिर नक्सलियों के प्रति इतनी सहानुभूति क्यों दिखाई जा रही है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि इतने वर्षों के शासन के दौरान आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए। उनके अनुसार, पहले की सरकारों ने आदिवासियों तक बुनियादी सुविधाएं—जैसे घर, पानी, शिक्षा और बैंकिंग—नहीं पहुंचाई।

शाह ने कहा कि जिन इलाकों को “रेड कॉरिडोर” कहा जाता है, वहां नक्सलवाद की वजह से विकास बाधित हुआ और गरीबी बढ़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सली संगठन आदिवासियों को शिक्षा से दूर रखते हैं और कई बार स्कूलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही, युवाओं को भटकाकर हिंसा की राह पर ले जाते हैं।

मोदी सरकार का दावा: विकास और सुरक्षा साथ-साथ

गृह मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि अब इन इलाकों में तेजी से स्कूल, सड़कें और अन्य सुविधाएं पहुंच रही हैं, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा है और नक्सलवाद कमजोर हुआ है।

सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के संयोजन से नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा रहा है। लोकसभा में दिए गए इस बयान से साफ है कि सरकार आने वाले समय में “नक्सल मुक्त भारत” के लक्ष्य को लेकर और आक्रामक रणनीति अपनाने वाली है।
 

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