Edited By Ramkesh,Updated: 08 Jun, 2026 03:13 PM

यादवपुर रेलवे स्टेशन से रेहड़ी-पटरी और फेरीवालों को हटाए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान कम से कम पांच लोगों को सोमवार तड़के गिरफ्तार किया गया । अधिकारियो ने बताया कि फेरीवालों को हटाने का अभियान आधी रात के बाद शुरू हुआ। एक पुलिस अधिकारी...
नेशनल डेस्क: यादवपुर रेलवे स्टेशन से रेहड़ी-पटरी और फेरीवालों को हटाए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान कम से कम पांच लोगों को सोमवार तड़के गिरफ्तार किया गया । अधिकारियो ने बताया कि फेरीवालों को हटाने का अभियान आधी रात के बाद शुरू हुआ। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इस बीच माकपा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे फेरीवालों और पार्टी नेताओं पर लाठीचार्ज किया जिनमें उनकी केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के राज्य महासचिव सृजन भट्टाचार्य शामिल हैं। माकपा ने एक बयान में कहा कि लाठीचार्ज के कारण कई साथियों को सिर में चोट आय़ी हैं।
एसएफआई समर्थकों ने गिरफ्तारियों और कथित लाठीचार्ज के विरोध में रेलवे स्टेशन के पास, यादवपुर विश्वविद्यालय के सामने राजा एस. सी. मलिक रोड पर धरना दिया। माकपा नेतृत्व ने बेदखली से पहले फेरीवालों के उचित पुनर्वास की मांग की। पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि सियालदह-बरुईपुर लाइन पर ट्रेन सेवाएं सामान्य है। माकपा सांसद अमरा राम ने पिछले सप्ताह रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में रेलवे भूमि और स्टेशनों से फेरीवालों को हटाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से रेलवे स्टेशनों के भीतर और बाहर फेरीवालों की एक संस्कृति रही है जो किफायती दरों पर भोजन सहित अन्य उत्पाद बेचते हैं। सांसद ने पत्र में कहा था, ''मेरा आपसे अनुरोध है कि इस बुलडोज़र कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।