Edited By Rohini Oberoi,Updated: 13 Jan, 2026 11:33 AM

मंगलवार की सुबह उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में दहशत के साथ हुई। सुबह-सुबह जब लोग अपने घरों में दैनिक कार्यों में जुटे थे तभी बागेश्वर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान...
Earthquake: मंगलवार की सुबह उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में दहशत के साथ हुई। सुबह-सुबह जब लोग अपने घरों में दैनिक कार्यों में जुटे थे तभी बागेश्वर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
बागेश्वर में भूकंप: तीव्रता और केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार उत्तराखंड के बागेश्वर में आए इस भूकंप का विवरण इस प्रकार है:
-
तीव्रता: रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई।
-
समय: मंगलवार सुबह 7 बजकर 25 मिनट।
-
गहराई: भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था।
पड़ोसी देशों का हाल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान भी हिले
बीते 24 घंटों के भीतर केवल भारत ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश भी भूकंप की चपेट में रहे हैं:
-
पाकिस्तान: सोमवार शाम 6:25 बजे यहां 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से 90 किमी की गहराई पर था।
-
अफगानिस्तान: सोमवार सुबह 8:48 बजे 4.2 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र जमीन के काफी करीब (10 किमी गहराई) था जिससे झटकों का अहसास तेज हुआ।
क्यों कांपती है धरती? समझिए इसके पीछे का विज्ञान
वैज्ञानिकों के अनुसार भूकंप आने का मुख्य कारण पृथ्वी की आंतरिक हलचल है।
-
टेक्टोनिक प्लेट्स: हमारी धरती के नीचे 7 मुख्य टेक्टोनिक प्लेटें (Tectonic Plates) होती हैं। ये प्लेटें हमेशा बहुत धीमी गति से तैरती रहती हैं।
-
फॉल्ट लाइन और घर्षण: जब ये प्लेटें घूमते हुए आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती हैं तो भारी मात्रा में ऊर्जा (Energy) पैदा होती है।
-
भूकंप के झटके: यह संचित ऊर्जा जब बाहर निकलने की कोशिश करती है तो तरंगों के रूप में धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है जिसे हम भूकंप कहते हैं।