Edited By Parveen Kumar,Updated: 01 Mar, 2026 11:43 PM

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 के निर्णायक मुकाबले में जब टीम इंडिया सेमीफाइनल की दहलीज पर खड़ी थी और 195 रन का पहाड़ सामने था, तब एक ऐसा नाम चमका जिसकी जगह तक प्लेइंग-11 में पक्की नहीं मानी जा रही थी। ओपनर Sanju Samson ने दबाव भरे मैच में विस्फोटक...
नेशनल डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 के निर्णायक मुकाबले में जब टीम इंडिया सेमीफाइनल की दहलीज पर खड़ी थी और 195 रन का पहाड़ सामने था, तब एक ऐसा नाम चमका जिसकी जगह तक प्लेइंग-11 में पक्की नहीं मानी जा रही थी। ओपनर Sanju Samson ने दबाव भरे मैच में विस्फोटक पारी खेलकर न सिर्फ भारत को जीत दिलाई, बल्कि अपने चयन पर उठे सवालों का भी करारा जवाब दिया।
ईडन गार्डन्स पर बना दबाव
कोलकाता के ऐतिहासिक Eden Gardens में 1 मार्च को खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत ने इससे बड़ा लक्ष्य पहले कभी हासिल नहीं किया था। शुरुआत भी अच्छी नहीं रही—अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जल्दी पवेलियन लौट गए, जिससे दबाव और बढ़ गया।
26 गेंदों में बदला मैच का रुख
ऐसे मुश्किल हालात में सैमसन ने क्रीज पर टिककर आक्रामक अंदाज अपनाया। वर्ल्ड कप की शुरुआत में टीम से बाहर किए गए इस बल्लेबाज ने सुपर-8 में मौका मिलते ही खुद को साबित कर दिया। जिम्बाब्वे के खिलाफ आत्मविश्वास भरी पारी के बाद उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ सिर्फ 26 गेंदों में अर्धशतक ठोक दिया।
यह टी20 वर्ल्ड कप में उनका पहला अर्धशतक था और टी20 इंटरनेशनल करियर का कुल चौथा। सितंबर 2025 के बाद पहली बार उन्होंने भारत के लिए टी20 में 50 से ज्यादा रन बनाए। उनकी इस पारी ने मैच का रुख पलट दिया और भारत को ऐतिहासिक रन चेज की राह पर आगे बढ़ा दिया।