'पंजाब केसरी' पर पंजाब सरकार की कार्रवाई को लेकर बोले अनुराग ठाकुर – रेड से सच की आवाज नहीं दबेगी

Edited By Updated: 16 Jan, 2026 03:14 PM

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पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पंजाब केसरी समूह पर पंजाब सरकार की कार्रवाई को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में लिए गए फैसले विनाश की ओर ले जाते हैं। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि पंजाब की सरकार यह सोच रही है कि...

नेशनल डेस्क:  पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने 'पंजाब केसरी ग्रुप' पर पंजाब सरकार द्वारा की गई छापेमारी को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में लिए गए फैसले विनाश की ओर ले जाते हैं। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि पंजाब की सरकार यह सोच रही है कि छापेमारी कर आवाजों को दबाया जा सकता है, लेकिन सच न तो रेड से रुकता है और न ही धमकियों से। अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन नहीं चलता और उसका अंत तय होता है। अपने बयान के अंत में उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि ईश्वर से डरना चाहिए।

बता दें कि इससे पहले पंजाब केसरी समूह ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को एक पत्र लिखकर पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में कहा गया है कि पंजाब सरकार अलग-अलग सरकारी विभागों के जरिए पंजाब केसरी समूह और उससे जुड़े संस्थानों को निशाना बना रही है, जिससे प्रेस को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है।

पंजाब केसरी समूह ने बताया कि 31 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित एक खबर के बाद से हालात बिगड़ने शुरू हुए। यह खबर सत्तारूढ़ पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक से जुड़े विपक्ष के आरोपों पर आधारित थी और पूरी तरह संतुलित थी। इसके बाद 2 नवंबर 2025 से पंजाब सरकार ने पंजाब केसरी समूह को दिए जाने वाले सभी सरकारी विज्ञापन बंद कर दिए।

समूह के अनुसार, आर्थिक दबाव के बावजूद अखबार ने स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता जारी रखी। लेकिन पिछले कुछ दिनों में पंजाब केसरी समूह और उसके प्रमोटरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई।

पत्र में बताया गया है कि 11 से 15 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग विभागों ने कई रेड और कार्रवाइयां कीं। इनमें जालंधर स्थित चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के होटल पर एफएसएसएआई, जीएसटी और आबकारी विभाग की रेड शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब केसरी की प्रिंटिंग प्रैस पर जालंधर और लुधियाना में फैक्ट्री विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा छापे मारे गए।

समूह ने यह भी आरोप लगाया कि आबकारी विभाग ने शो-कॉज नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द कर दिया और जालंधर स्थित होटल की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई। 15 जनवरी 2026 को लुधियाना और जालंधर की प्रिंटिंग प्रैस पर फिर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई हुई।

पत्र में यह भी बताया गया कि जालंधर, लुधियाना और बठिंडा स्थित प्रिंटिंग प्रैस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है, जिससे अखबारों के संचालन पर खतरा मंडरा रहा है और प्रिंटिंग कार्य बाधित या पूरी तरह बंद हो सकता है।

पंजाब केसरी समूह ने अपने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थापक स्वर्गीय लाला जगत नारायण ने 1949 में हिंद समाचार की शुरुआत की थी और 1965 में पंजाब केसरी की नींव रखी गई। आतंकवाद के दौर में निर्भीक पत्रकारिता के कारण समूह के कई लोग, जिनमें स्वर्गीय लाला जगत नारायण और स्वर्गीय रोमेश चंद्र चोपड़ा शामिल हैं, अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अखबार ने कभी सच लिखना नहीं छोड़ा।

समूह का कहना है कि अलग-अलग विभागों द्वारा एक साथ की जा रही ये कार्रवाइयां साफ तौर पर मीडिया को डराने की मंशा दिखाती हैं। उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि वे इस पूरे मामले की तुरंत जांच कराएं और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं।

पत्र के अंत में कहा गया है कि मीडिया पर दबाव डालना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में चुनाव नजदीक हैं।

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